कासगंज। दीपोत्सव पर के बाद मौसम में आई नमी से वातावरण में घुला जहर बरकरार है। वातावरण की सेहत वैसे तो बिगड़ी हुई है, लेकिन दो दिन पहले की अपेक्षा हवा की गुणवत्ता में मामूली सुधार हुआ है।
वातावरण में आई नमी से एक साथ बढ़ा प्रदूषण काफी घातक हो गया है। बुजुर्गों, बच्चों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। इसके अलावा अस्थमा रोगियों पर भी प्रदूषण का प्रभाव है। प्रदूषण वातावरण के लिए भी बेहद चिंताजनक है। वायु गुणवत्ता सूचकांक में आया उछाल आंशिक कम हुआ है। अभी यही हाल रहा तो वातावरण की सेहत यूं ही बिगड़ी रहेगी। हालांकि संभावना है कि आगामी कुछ दिनों में वायु गुणवत्ता सूचकांक में कुछ हद तक और सुधार आ जाएगा।
शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक -270 माइक्रो प्रतिघन मीटर
रविवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक - 239 माइक्रो प्रतिघन मीटर
वातावरण में नमी के कारण धूल की परतें वातावरण में जमा रहती हैं। इस कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ गया है। धीरे-धीरे सूचकांक संतुलित हो जाएगा। रामगोपाल, विशेषज्ञ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड