फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Agra News: मां के आंचल सा बिछौना हो नहीं सकता...

विज्ञापन
बाह: बाह में अ​खिल भारतीय कवि सम्मेलन - फोटो : udhampur news
विज्ञापन
बाह। साहित्य संगम के बैनर तले सोमवार को रामनाथ दीक्षित स्मृति अखिल भारतीय कवि सम्मेलन किया गया। कवियों ने हास्य, शृंगार, व्यंग्य और वीर रस की कविताएं सुनाकर लोगों को मुग्ध कर दिया। धौलपुर के पदम गौतम ने सुनाया कि कीमती से कीमती बिस्तर पे सो लेना, मां के आंचल सा बिछौना हो नहीं सकता से मां के प्यार को रेखांकित कर दर्शकों की वाहवाही लूटी।
विज्ञापन

भरतपुर के जय कुमार जय ने प्रेम विवाह पर चुटकी लेते हुए चिपके छुपे हुए कॉकरोच जैसे प्रेमी, एतराज हो तो उसे पहले ही बताइए कविता पढ़ी तो दर्शक सोच में पड़े बिना नहीं रह सके। विनोद सांवरिया ने देश के युवाओं को बोलते थे जो अक्सर हम झुका नहीं करते, जेनजी की महफिल में सर झुका के आए हैं सुनाकर जेनजी के आंदोलन को आवाज दी।
लखनऊ के योगेश चौहान ने झालमुरी वाला मंत्र फूंका गुजराती ने तो, काला जादू चूर-चूर हो गया बंगाल का... सुनाकर खूब तालियां बजवाईं। कासगंज के गीतकार डॉ. अजय अटल, इटावा के रजनीश त्रिपाठी, लखनऊ की संध्या त्रिपाठी, इटावा के अवनीश त्रिपाठी, आगरा के विपिन चौहान आदि ने काव्यपाठ किया। शिव प्रकाश दीक्षित, चंद्रप्रकाश दीक्षित, अजय कुमार दीक्षित, अंकित दीक्षित आदि ने कवियों को सम्मानित किया।
विज्ञापन

अध्यक्षता अध्यक्ष दिवाकर सिंह गुर्जर, संचालन पदम गौतम ने किया। इससे पहले सुधीर दुबे ने कवि सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्य अतिथि मेरठ के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेशराज शर्मा, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष हरिओम पांडेय, पवन टाइगर, देवेंद्र शर्मा, सरला गुर्जर, सीमा राजपूत, रीना सक्सेना, खुशबू दीक्षित, नारायण हरि नमन, मानसिंह मनहर, राहुल परिहार, बृजेश सिंह आदि रहे।

बाह: बाह में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन- फोटो : udhampur news

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें