कासगंज। जिले में स्वास्थ्य विभाग रामभरोसे ही चल रहा है। जिले में कुल 93 स्वीकृत पदों के सापेक्ष वर्तमान में सिर्फ 33 ही चिकित्सक काम कर रहे हैं। कई बार डिमांड करने के बाद भी यहां चिकित्सकों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है।
जिले में 7 ब्लॉक हैं। इनमें से 5 ब्लॉक में स्वास्थ्य सामुदायिक केंद्र हैं। जबकि दो अन्य में ब्लॉकस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र हैं। इनमें कुल मिलाकर स्वास्थ्य विभाग के 93 पद स्वीकृत हैं। जबकि वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के पास मात्र 33 ही चिकित्सक कार्यरत हैं। इस तरह जिले में वर्तमान में 60 पद रिक्त चल रहे हैं। इन 60 में से 16 चिकित्सक ऐसे हैं। जो कि सालों से विभाग से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित चल रहे हैं। किसी स्वास्थ्य केंद्र पर सर्जन की तैनाती नहीं है तो किसी सीएचसी पर महिला विशेषज्ञ की तैनाती है। इन चिकित्सकों की कमी होने के कारण मरीजों को स्थानीय स्तर पर बेहतर स्वास्थ्य लाभ नहीं मिल पा रहा है।
किसी भी ब्लॉक के अस्पताल पर नहीं बाल रोग विशेषज्ञ
जिले के सभी 5 सीएचसी और दो अन्य ब्लॉकस्तरीय स्वास्थ्य केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। ऐसे में देहात क्षेत्र में बच्चों के बीमार होने के कारण अभिभावकों को जिला अस्पताल तक आना पड़ता है।
जिला अस्पताल में भी 34 के सापेक्ष मात्र 13 हैं चिकित्सक
जिला अस्पताल में भी चिकित्सकों का टोटा चल रहा है। यहां चिकित्सकों के 34 पद स्वीकृत हैं। इनमें से वर्तमान में मात्र 13 ही चिकित्सक काम कर रहे हैं। इस तरह यहां भी कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी चल रही है। इनमें ईएनटी विशेषज्ञ, त्वचा रोग विशेषज्ञ, ह्रदय रोग विशेषज्ञ, फिजीशियन आदि विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं।
जिले में इस समय 93 के सापेक्ष मात्र 33 ही चिकित्सक काम कर रहे हैं। रिक्त पदों के लिए कई बार शासन को डिमांड भेजी जा चुकी है। साक्षात्कार भी लिए गए हैं लेकिन अभी कोई चिकित्सक यहां नहीं आ सका है।- डॉ. राजीव अग्रवाल, सीएमओ