मैनपुरी। गर्मी का प्रकोप जारी है। रविवार को अधिकतम तापमान 45 डिग्री नापा गया। मौसम विभाग की ओर से सोमवार को तापमान 46 डिग्री तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है। रविवार को सुबह से ही सूर्य ने प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया। सुबह आठ बजे से ही तेज धूप के साथ गर्म हवाएं चलने लगीं। दोपहर होते ही लू का प्रकोप शुरू हो गया। लू के चलते रविवार को लोगों का घरों से निकलना तक मुश्किल हो गया। लोग गर्मी और लू से परेशान देखे गए। दोपहर के समय प्रमुख सड़कों पर सन्नाटा नजर आया।
भीषण गर्मी के चलते लोगों को स्वास्थ्य की चिंता सतानी लगी है। सबसे अधिक परेशानी बच्चों के सामने है। लगातार 40 से 45 डिग्री के बीच तापमान रहने से किसानों की फसलों पर भी संकट छा गया है। मक्का, उर्द, मूंग आदि की फसलों में नुकसान हो रहा है। किसान धान की नर्सरी समय से नहीं लगा पा रहे हैं। मौसम विभाग की ओर से अगले कुछ दिनों तक और लू का प्रकोप जारी रहने की बात कही गई है। सीएमओ डॉ. आरसी गुप्ता ने जिले के लोगों को सलाह दी है कि तेज धूप के बीच घरों से बाहर न निकलें। बच्चों को लेकर कदापि धूप में न निकलें। जरा भी परेशानी होने पर तुरंत उपचार लें।
विद्युत निगम के दावे झूठे, कटौती से बेहाल हो रहे लोग
मैनपुरी। गर्मी में बिजली आपूर्ति निर्बाध किए जाने के दावे खोखले साबित हुए। हाल ये है कि दिन हो या रात लगातार फाल्ट के चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है। शनिवार रात और रविवार को दिन में भी बिजली कटौती से लोगों को दिक्कत हुई। विद्युत निगम इसके निदान के लिए ठोस कदम नहीं उठा रहा है।भीषण गर्मी के चलते बिना कूलर पंखा घर में रहना मुश्किल हो रहा है। विद्युत आपूर्ति बाधित होने के चलते दिन में लोगों का चैन और रात में नींद खराब हो रही है। शनिवार रात को अलग-अलग क्षेत्रों में बिजली कटौती का खेल चलता रहा। सिविल लाइन उपकेंद्र क्षेत्र में रात दो बजे तक रुक-रुककर बिजली कटौती की जाती रही। रात दो बजे के बाद कहीं लोगों को चैन की नींद आ सकी।
पावर हाउस विद्युत उपकेंद्र का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। शाम को बिजली कटौती होती रही तो रात में 11.30 बजे सीआरबी स्कूल के पास केबल में आग लग गई। इससे पूरे क्षेत्र की आपूर्ति बाधित हो गई। मरम्मत के नाम पर भी बिजली आपूर्ति बंद रही। रात में एक बजे के बाद यहां बिजली शुरू कराई जा सकी। इसके बाद लाइन शिफ्टिंग को लेकर रविवार को दिन में बिजली काटी जाती रही। इसके अलावा देवी रोड विद्युत उपकेंद्र, ज्योंती रोड उपकेंद्र और करहल रोड उपकेंद्र क्षेत्र में भी कटौती का खेल जारी रहा।
विद्युत निगम के अधिकारियों के पास वही एक रटा रटाया जवाब है कि ओवरलोडिंग के चलते समस्या आ रही है। अगर ओवरलोडिंग के कारण ही पूरी समस्या है तो चेकिंग कर लोड क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है। अगर स्वीकृत लोड अधिक है तो उपकरणों की क्षमता बढ़ाने में देरी क्यों की जा रही है।
विभाग को नहीं हो पाती है फाल्ट की जानकारी
गर्मी में लगातार केबल तो कभी ट्रांसफार्मर में फाल्ट होते रहते हैं। परेशानी तब और बढ़ जाती है जब विद्युत निगम को इन फाल्ट की जानकारी ही नहीं हो पाती है। एक घंटे बाद निगम को जानकारी मिलती है, तब जाकर वे पेट्रोलिंग शुरू करते हैं। इसके बाद फाल्ट सही होने में भी कम से कम एक घंटे का समय लग जाता है। इस बीच उपभोक्ता झेल जाते हैं।
चार दिन में नहीं बदला फुंका ट्रांसफार्मर, ग्रामीणाें में आक्रोश
किशनी। शासन का आदेश है कि ग्रामीण क्षेत्र में 48 घंटे में फुंका ट्रांसफार्मर बदल दिया जाए। किशनी के गांव नसीरपुर में चार दिन बाद भी फुंका ट्रांसफार्मर नहीं बदला सका। गर्मी में परेशान ग्रामीणों ने रविवार को प्रदर्शन कर विद्युत निगम के खिलाफ नारेबाजी की। चार दिन पहले गांव नसीरपुर का ट्रांसफार्मर फुंक गया था। 4 दिन बीतने के बाद भी विद्युत निगम ने अब तक दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं रखवाया है। इससे एक तरफ जहां लोग गर्मी में परेशान हो रहे हैं तो वहीं दूसरी तरफ उनके सामने मोबाइल चार्ज करने का भी संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि लाइनमैन या अवर अभियंता फोन तक नहीं उठते हैं।
बताया कि गांव में 84 घरों में बिजली कनेक्शन हैं और 70 के बिल भी जमा हैं। ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर डीएम से मामले का संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग की है। मांग करने वालों में अंजली देवी, सोनकली, चरण देवी, शकुंतला देवी सरला देवी, रामायण श्री, रामदेवी, श्रीदेवी, माया देवी, राधा, मीना कुमारी, अरविंद कुमार आदि शामिल हैं।
फरैंजी से जोड़ी जाए गांव की बिजली
ग्रामीणों का एक और दर्द है। उन्होंने बताया कि उनके गांव में भिटारा की ओर बिजली की लाइन आती है। भिटारा के लोग नसीरपुर से राजनीतिक द्वेष रखते हैं। इसके चलते आए दिन वे लाइन काट देते हैं। उन्होंने नसीरपुर की बिजली की लाइन फरैंजी की ओर से जोड़े जाने की भी मांग की है।