आगरा। थाना एमएम गेट के मोती कटरा क्षेत्र में फुटवियर कारोबारी की फर्म हरमीरा फुटकेयर के कार्यालय के ताले तोड़ कर चोरी होने की पुलिस को जानकारी हुई। कारोबारी हरीपर्वत के ओल्ड विजय नगर काॅलोनी निवासी हरीश कुमार वंजानी ने पुलिस को कार्यालय के लॉकर में रखे 22 लाख रुपये चोरी होने की जानकारी देकर प्राथमिकी दर्ज कराई। डीसीपी सिटी ने खुलासे के लिए कई थानों और एसओजी व सर्विलांस की टीम को भी लगा दिया। 15 दिन पहले काम छोड़ने वाले कर्मचारी पर शक की सुई गई। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपने ऊपर कर्ज होने के कारण चोरी की वारदात करने की बात कबूल ली,पर जब बरामदगी हुई तो पुलिस के भी होश उड़ गए। आरोपी ने 96 लाख 95 हजार पांच सौ रुपये पुलिस को बरामद किए। पुलिस ने चोरी में शामिल सगे भाईयों और उनके पिता को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से उन्हें जेल भेजा गया है।
डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया कि मंगलवार सुबह पुलिस को मोती कटरा स्थित फुटवियर कारोबारी के फर्म कार्यालय में चोरी की सूचना मिली थी। फर्म स्वामी बताया कि वह सोमवार रात कार्यालय को बंद करवा कर गए थे। मंगलवार सुबह 8:48 बजे चौकीदार ने ताले टूटे होने की जानकारी दी। इसके बाद अंदर जाकर देखा तो लॉकर में रखे 22 लाख रुपये गायब थे।
शाहगंज के ग्यासपुरा निवासी सगे भाई नीरज और आकाश उनकी फर्म में काम करते थे। उनमें से नीरज ने 15 दिन पूर्व ही काम छोड़ा था। पुलिस ने दोनों भाईयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने वारदात कबूल ली। उनकी निशानदेही पर वारदात की जानकारी पिता अशोक को भी होने का पता चला और उसके पास से 96,95,500 रुपये,नीला बैग,बोरी और बैंक की रसीदें बरामद हुए। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने खुलासे के लिए टीम को 25 हजार का नकद इनाम देने की घोषणा की है।
15 दिन पहले रची गई थी साजिश,कोहरे का था इंतजार
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनके ऊपर कर्ज हो गया था। उन्हें हरीश के कार्यालय में काफी मात्रा में रुपये रखे होेने की पूरी जानकारी थी। इसी कारण उन्होंने चोरी की योजना बनाई। नीरज ने 15 दिन पहले ही काम छोड़ दिया। किसी को शक न हो,इसलिए आकाश वहीं काम करता रहा।
जीएसटी और इंकम टैक्स विभाग को सूचना
कारोबारी ने चोरी की रकम को टैक्स बचाने के लिए कम बताया गया। इतनी बड़ी रकम का लेनदेन नकद में हो रहा था। रुपयों के बारे में पुलिस ने इंकम टैक्स और जीएसटी विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को जानकारी दी गई है।
कच्चे पर्चे पर चलता है कारोबार
आगरा में जूते का कारोबार का बहुत बड़ा हिस्सा कच्चे पर्चे पर चलता है। थोक व्यापारी कारखाना संचालकों से माल नकद में लेते हैं और ग्राहक को भी नकद में माल देते हैं। अधिकांश माल की लिखापढ़ी नहीं होती है। फर्म की कच्ची पर्ची को कई सूदखोर कमीशन काटकर नकद रुपये भी देते हैं। ताज्जुब की बात ये है कि जो पैसा बरामद हुआ है वह आरोपियों ने घर की छत के कबाड़ में छुपाया हुआ था।