सालग के चलते पिनाहट में जाम के झाम से कराह उठे लोग, पांटून पुल पर घंटो जाम
पिनाहट। कस्बा पिनाहट में जाम की समस्या अब नासूर बनती जा रही है। बुधवार को सहालग (लग्न-समारोह) के चलते कस्बे के मुख्य बाजारों से लेकर चंबल घाट तक भीषण जाम लग गया। स्थिति यह थी कि चंबल नदी के पांटून पुल पर नशे में धुत कुछ युवकों की मनमानी और भारी वाहनों के दबाव के कारण यात्री घंटों भीषण गर्मी और जाम के झाम में कराहने को मजबूर रहे।
सहालग के कारण बुधवार को पिनाहट के सदर बाजार, अंबेडकर तिराहा और राजाखेड़ा मार्ग पर वाहनों का रेला उमड़ पड़ा। नहर से लेकर नदगवां मार्ग तक ट्रैक्टर-ट्रालियों और भूसे से लदे वाहनों ने सड़कों को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया। विडंबना यह रही कि घंटों तक लगे इस जाम को खुलवाने के लिए कस्बे के मुख्य चौराहों पर एक भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया।
चंबल पांटून पुल पर मची अफरा-तफरी
शाम के समय उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश को जोड़ने वाले चंबल नदी के पांटून पुल पर स्थिति और भी भयावह हो गई। बताया जा रहा है कि कुछ नशेड़ी वाहन चालकों ने नियमों को ताक पर रखकर गाड़ियां बीच पुल पर फंसा दीं, जिससे दोनों राज्यों की ओर जाने वाले दर्जनों वाहनों की कतार लग गई। पुल पर जाम के कारण यात्रियों, महिलाओं और बच्चों की हालत खराब हो गई। काफी देर तक जब प्रशासन की ओर से कोई मदद नहीं मिली, तो वाहन चालकों ने खुद ही मोर्चा संभाला। बाद में सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद वाहनों को एक-एक कर बाहर निकलवाया, तब जाकर यातायात सुचारू हो सका।
तीन राज्यों का बॉर्डर, पर नहीं है बाईपास
स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि पिनाहट क्षेत्र उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के बॉर्डर को जोड़ता है, जिससे भारी वाहनों का आवागमन बहुत अधिक है। कस्बा संकरा होने और बाईपास न होने के कारण आए दिन यह समस्या बनी रहती है, जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।