सुन्नगढ़ी क्षेत्र में गंगा के किनारे निरीक्षण करने पहुंचे सिचाई विभाग के अधिकारी।
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कासगंज। गंगा के जलस्तर में लगातार उतार चढ़ाव का क्रम जारी है। शुक्रवार को गंगा के जलस्तर में नरौरा से पानी का प्रवाह कम होने के कारण जलस्तर में 18 सेंटीमीटर की कमी आई है। वहीं बिजनौर डैम से गंगा में पानी का प्रवाह एक लाख क्यूसेक अधिक हो गया। ऐसी स्थिति में शनिवार शाम से जलस्तर फिर बढ़ने की संभावना है। वहीं, जलस्तर में आ रहे उतार चढ़ाव को लेकर सिंचाई विभाग के अफसर चौकन्ना हैं। शुक्रवार को गंगा के तटीय इलाकों का सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। पहाड़ों पर हुई बारिश के बाद गंगा में पानी बढ़ने लगा है। सुबह 8 बजे हरिद्वार के भीमगोड़ा बांध से 80 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह था। वहीं बिजनौर डैम से यह प्रवाह एक लाख क्यूसेक से अधिक का था। बिजनौर से बृहस्पतिवार को प्रवाह केवल 40 हजार क्यूसेक था। अब यह प्रवाह नरौरा बांध की ओर आएगा। जहां से यह कछला की ओर छोड़ा जाएगा। नरौरा से शुक्रवार को 39 हजार क्यूसेक का प्रवाह बना हुआ था जो शनिवार से बढ़ने की उम्मीद है। कछला पर बृहस्पतिवार के मुकाबले 18 हजार सेंटीमीटर की कमी आने के बाद गंगा का जलस्तर 161.95 मीटर के निशान पर था। पुन: जिले में पानी बढ़ने की आशंका को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारी चौकन्ने रहे। पटियाली इलाके के बरीबगवास, सहवाजपुर, कादरगंज, बरौना सहित अन्य इलाकों में भ्रमण करके गंगा की धारा का जायजा लिया। तीन दिन पूर्व सुन्नगढ़ी में स्पर पर जाने वाला पहुंचमार्ग गंगा के पानी के दबाव में क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे 15 गांव की खादर तक गंगा का पानी पहुंच गया था लेकिन बृहस्पतिवार एवं शुक्रवार को जलस्तर में कमी होने पर पानी कम हो गया। वहीं नगला जयकिशन और नरदौली मार्ग पर सड़क के ऊपर बह रहा पानी भी कम हो गया है और वह सड़क के किनारे स्थिर हो गया है। बारिश की स्थिति को देखते हुए ग्रामीण लगातार चिंतित हैं कि कब गंगा के पानी बढ़ जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। गंगा के तटीय इलाके के ग्रामीणों ने बाढ़ से बचाव की तैयारियां भी कर ली हैं। कहां कब कितना पानी पहुंचेगा इसका अंदाजा तटीय इलाके के ग्रामीणों को है।