फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जामा मस्जिद में बुलंद हुई विरोध की आवाज

Mon, 21 Dec 2015 01:40 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला, आगरा
विज्ञापन
विज्ञापन
हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के लखनऊ में पैगंबर मोहम्मद साहब के बारे में दिए गए आपत्तिजनक बयान के खिलाफ हो रहे विरोध के क्रम में रविवार दोपहर आगरा में भी आवाज बुलंद हुई। जामा मस्जिद पर जिलेभर से आए मुस्लिमों ने पैगंबर साहब की शान में गुस्ताखी करने वाले को किसी हाल में माफ न करने का एलान किया गया। कमलेश को फांसी देने की मांग उठी। कहा गया कि किसी भी मजहबी पेशवा के लिए ऐसी टिप्पणी पर कड़ी सजा हो भले इसके लिए कानून बदलना पड़े। प्रशासन के माध्यम से इस आशय का ज्ञापन भी प्रधानमंत्री को भेजा गया।
विज्ञापन

बाद नमाज तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत के मौलाना मुदस्सिर खान कादरी की सदारत में शुरू हुए जलसे में वक्ताओं ने कहा कि किसी मजहबी पेशवा की तौहीन की इजाजत कोई भी मजहब नहीं देता। इस्लाम तो सभी गैरइस्लामी पेशवाओं के भी एहतराम का सबक देता है। कमलेश ने नापाक टिप्पणी करके हर मुसलमान को चोट पहुंचाई है। इस बयान को देश बांटने वाला बताते हुए कहा कि सरकार को चाहिए कि जो लोग सस्ती लोकप्रियता के लिए ऐसा कर रहे हैं, उन्हें कड़ी सजा दी जाए। इसके लिए बदलाव कर कानून को सख्त किया जाए। तैयारी कलेक्ट्रेट तक मार्च की थी लेकिन एडीएम सिटी राजेश श्रीवास्तव और एसपी सिटी राजेश सिंह जामा मस्जिद पहुंच गए। उनके आग्रह पर मुस्लिम नेताओं ने दोपहर सवा तीन बजे प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन उन्हें वहीं सौंप दिया। हालांकि बाद में कुछ नौजवानों ने मस्जिद के बाहर आकर नारेबाजी की। उन्होंने मंटोला और बिजलीघर चौराहे पर जाम लगाने का भी प्रयास किया।
इससे पहले तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत और इस्लामियां लोकल एजेंसी के आह्वान पर रविवार को दोपहर एक बजे से लोग का जामा मस्जिद में जुटने लगे। नमाज के वक्त तक संख्या हजारों में पहुंच चुकी थी। हाल यह कि नमाज के बाद भी ताजगंज, लोहामंडी, शहीद नगर, फतेहपुर सीकरी, वजीरपुरा, नाई की मंडी, सराय ख्वाजा, शाहगंज, हींग की मंडी आदि से हाथों में हरे झंडे और नारे लिखी तख्तियां लिए लोग जुलूस के रूप में आते रहे। तख्तियों पर जेल नहीं है काफी, गुस्ताख को दो फांसी जैसे नारे लिखे थे तो युवा यही नारे लगा रहे थे। मस्जिद पर भारी फोर्स तैनात की गई थी।
विज्ञापन

इस्लामी झंडे के साथ तिरंगा भी
नौजवानों के ग्रुप इस्लामी झंडे और तख्तियां लेकर आ रहे थे। एक ग्रुप हरे झंडों के साथ तिरंगा लेकर आया। उन्होंने उलमा के हवाले से बताया कि विरोध प्रदर्शन किसी मजहब के खिलाफ नहीं बल्कि ओछी मानसिकता वाले चंद लोगों के खिलाफ है।
विकलांग भी पहुंचा
विरोध जताने एक विकलांग युवक अपनी ट्राईसाइकिल पर आया था। अपनी साइकिल पर कमलेश को फांसी देने की मांग की तख्ती लगाए वह मस्जिद के गेट पर बैठा रहा।
रईसउद्दीन की हूटिंग
सपा के शहर अध्यक्ष रईसउद्दीन कुरैशी भी समर्थकों के साथ जामा मस्जिद पहुंचे। उन्होंने मंच पर आकर बोलना शुरू ही किया था कि युवाओं ने ‘हूटिंग’ शूरू कर दी। तभी बड़ी संख्या में लोग बाहर जाने लगे। ये देखकर आयोजकों ने उनसे माइक लेकर ज्ञापन देना ही उचित समझा।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें