अवैध कॉलोनियों को वैध करने के लिए राज्य सरकार भले ही नई नीति लाने जा रही हो लेकिन वैधता प्रमाण पत्र हासिल करने के लिए कालोनाइजरों को कड़ी ‘परीक्षा’ देनी होगी। इसमें पहले मौका शहर की उन चार दर्जन से अधिक कालोनियों को मिल सकता है, जिन्हें वैध करने के लिए एडीए अपनी सूची में शामिल कर चुका है। इन कालोनियों को नगर निगम, जल संस्थान, बिजली विभाग सहित लगभग आधा दर्जनों विभागों के मानकों पर खरा उतरना होगा।
बता दें कि शहरों के सुनियोजित विकास के लिए हाल ही में प्रदेश सरकार ने तमाम अवैध कालोनियों को वैध करने के लिए नई नीति लाने की घोषणा की है। आगरा में लगभग 234 कालोनियां अवैध हैं। इनमें लाखों लोग रहते हैं। प्रदेश सरकार की मंशा से काफी पहले एडीए चार दर्जन से अधिक कालोनियों का वैधता के लिए चयन कर चुका है। एडीए के टाउन प्लानर इश्तियाक अहमद के अनुसार, कालोनियों का चयन विभिन्न क्षेत्रों के जूनियर इंजीनियर की सिफारिश पर किया गया था।
नगर निगम, जल संस्थान, बिजली विभाग सहित लगभग आधा दर्जनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की कमेटी के समक्ष वैधता के लिए कालोनियों की सूची रखी जाएगी। इसमें मानकों का ध्यान रखा जाएगा। यहां से हरी झंडी मिलने के बाद इन कालोनियों में निरीक्षण होगा। जांच रिपोर्ट के बाद ही अंतिम मुहर लगेगी। वैधता के लिए जिस कालोनी का नाम फाइनल होगा, संबंधित विभाग अपने स्तर से उस कालोनी के विकास के लिए रिपोर्ट तैयार करेगा। हालांकि इसमें नई नीति आने के बाद बदलाव भी हो सकता है।
शास्त्रीनगर में निर्माणाधीन भवन सील
आगरा। आवासीय भवन में व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने के लिए चल रहे निर्माण की शिकायत पर एडीए ने खंदारी, शास्त्रीनगर में एक बहुमंजिला भवन को सील कर दिया। भू स्वामी को कार्य रोकने के लिए नोटिस भी दिया गया। इसके बावजूद कार्य नहीं रोका गया। भवन का नक्शा भी पास नहीं है।
खंदारी स्थित शास्त्रीनगर में दीपा पोपटानी ने आवासीय भवन खरीदा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसमें जूता फैक्ट्री खोलने की तैयार की जा रही है। निर्माण कार्य कराया जा रहा है। भवन का मलबा भी गली में डाला जा रहा है। नालियां चोक हो गई हैं। एडीए ने भू स्वामी को कार्य रोकने के लिए नोटिस दिया। इसके बावजूद कार्य नहीं रोका गया। एडीए अधिकारियों का कहना है कि उक्त भवन का नक्शा भी नहीं पास था। इसी पर बुधवार को टीम ने भवन को सील कर दिया।