शुक्रवार को आगरा में खंडपीठ स्थापना की मांग को लेकर अधिवक्ता नारेबाजी करते हुए जुलूस के रूप में दौकेली रेलवे क्रासिंग पर पहुंचे और दिल्ली से कानपुर जा रही जियारत एक्सप्रेस को रुकवाने का प्रयास किया। उसके नहीं रुकने पर अधिवक्ता ट्रैक पर बैठ गए। केबिन से लाल झंडी निकालकर ट्रैक पर लगा दी गई। दोपहर 12: 6 बजे कानपुर से दिल्ली जा रही रीवा एक्सप्रेस को रोक दिया। ट्रेन के रुकते ही रेल विभाग में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझा-बुझाकर ट्रैक से हटवाया। इसके बाद अधिवक्ताओं ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा।
रीवा एक्सप्रेस रुकने के बाद अधिवक्ता ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए और खंडपीठ की मांग को लेकर नारेबाजी करने लगे। पांच-छह मिनट ट्रेन खड़ी रही, हालांकि पुलिस दो मिनट ही ट्रेन रुकने का दावा कर रही है। इससे पहले शुक्रवार सुबह न्यायालय परिसर में बार अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव की अध्यक्षता में बैठक की गई। इसमें अधिवक्ताओं ने कहा यदि केंद्र सरकार ने खंडपीठ की मांग को जल्द पूरा नहीं किया तो फीरोजाबाद से दिल्ली तक पदयात्रा की जाएगी। यहां से अधिवक्ताओं ने जुलूस के रूप में दौकेली क्रासिंग पर पहुंचे। वहां पर नगर मजिस्ट्रेट रमेश चंद्र, एसडीएम सदर, तहसीलदार, सीओ सदर थाना मटसेना, मक्खनपुर और बसई मोहम्मदपुर की पुलिस के साथ पहले से मौजूद थे। अधिकारियों ने अधिवक्ताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन अधिवक्ताओं ने उनकी एक नहीं सुनी और ट्रैक पर पहुंच गए। अधिवक्ताओं ने जब जियारत एक्सप्रेस को रुकवाने का प्रयास किया, उस समय ट्रेन की गति बहुत तेज थी। सीओ सदर और नगर मजिस्ट्रेट बार-बार अधिवक्ताओं को समझाने के साथ ही ट्रैक से हटने की अपील कर रहे थे। इसके बावजूद अधिवक्ता सुनने को तैयार नहीं थे। एक बार तो अनहोनी की आशंका के चलते अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए, ट्रेन के नजदीक पर आने अधिवक्ताओं ने ट्रैक खाली कर दिया।