कासगंज। बदलते मौसम के मिजाज के बीच गन्ना की फसल में चोटी भेदक व पायरिला का खतरा बढ़ गया है। शोध संस्थान शाहजहांपुर की टीम ने फसल का निरीक्षण कर किसानों को बचाव के उपाय बताए। शोध संस्थान से डाॅ. सुशील कुमार विश्व कर्मा, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. नीलम कुरील की टीम ने नगला अहेरिया में गरीब दास की गन्ना पेड़ी प्रजाति सीओ 011, गांव उढ़ैर में सब्बीर, की गन्ना पेड़ी प्रजाति सीओ 98014, नगला पटिया में नरपत के शरदकालीन गन्ना पौधा प्रजाति सीओ 0238 का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसानों को चोटी भेदक कीट की पहचान तथा इसके रोकथाम की जानकारी दी। चोटी भेदक से बचाव के लिए किसान सीटीपीआर 18.5 प्रतिशत की 150 एमएल प्रति एकड़ के हिसाब से गन्ने की जड़ में डैचिंग की तुरंत सिंचाई करें। इसी तरह पायरिला रोक की पहचान व इसकी रोकथाम के बारे में जानकारी दी। पायरिला से बचाव के लिए खेत में पर्याप्त नमी बनाए रखने की सलाह दी। इस दौरान जिला गन्ना अधिकारी ओउम प्रकाश, ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक प्रदीप कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।