जवाहर नवोदय विद्यालय में छात्रा की मौत के मामले में 3 जून को स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में सुनवाई होगी। तीन जून को छात्रा की सहपाठी की गवाही कराने के लिए उसको न्यायालय से नोटिस भेजा गया है। छात्रा के माता पिता की मुकदमे की सुनवाई के दौरान न्यायालय में गवाही पूर्ण हो चुकी है।
आगरा रोड निवासी एक बालिका जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा नौ की छात्रा थी। उसकी 16 सितंबर 2019 को मौत हो गई थी। छात्रा के पिता ने दुष्कर्म करने के बाद छात्रा की हत्या करने की रिपोर्ट थाना भोगांव में लिखाई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद छात्रा के साथ दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई थी। छात्रा के गले तथा शरीर पर चोटों के निशान मिले थे। वर्तमान में रिपोर्ट की विवेचना एसआईटी द्वारा की जा रही है।
मुकदमे की सुनवाई स्पेशल जज पॉक्सो एक्ट के न्यायालय में चल रही है। छात्रा के माता पिता के बयान कोर्ट में दर्ज हो चुके हैं। छात्रा की सहपाठी की गवाही कराने के लिए 3 जून की तारीख तय है। सहपाठी की गवाही कराने के लिए उसको न्यायालय से नोटिस भेजा गया है। पांच महीने से पीठासीन अधिकारी का पद खाली चलने से मुकदमे की सुनवाई नहीं हो पा रही थी।
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प्राचार्या जा चुकी हैं जेल
छात्रा की मौत के मामले में जांच कर रही एसआईटी टीम जवाहर नवोदय विद्यालय की प्राचार्या सुषमा सागर के खिलाफ छात्रा को आत्म हत्या के लिए प्रेरित करने के मामले में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। एसआईटी टीम ने प्राचार्या को जेल भेज दिया था। प्राचार्या की जमानत उच्च न्यायालय प्रयागराज से मंजूर हो चुकी है।
चार साल में भी जांच नहीं हुई पूरी
छात्रा की मौत के बाद सबसे पहले थाना भोगांव पुलिस ने जांच की। बाद में शासन ने एसआईटी टीम का गठन किया। एसआईटी जब खुलासा नहीं कर सकी तो छात्रा के पिता ने उच्च न्यायालय की शरण ली। उच्च न्यायालय के आदेश पर दूसरी एसआईटी का गठन किया गया। लेकिन जांच अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।