घिरोर। महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि पर 4 नंवबर से लक्खी मेला लगने जा रहा। मेले से पहले यहां मगरमच्छ होने से क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है। जानकारी होने पर शुक्रवार को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब दो घंटे तक टीम ने तलाश की लेकिन मगरमच्छ नहीं मिला। सुरक्षा की दृष्टि से यहां दो गार्ड तैनात किए गए हैं। महर्षि मार्कंडेय की तपोभूमि पर प्रतिवर्ष कार्तिक पूर्णिमा से एक पखवाड़े तक चलने वाला लक्खी मेला लगता है। इस मेले की शुरुआत कार्तिक पूर्णिमा पर भक्त यहां की पवित्र सरोवर में डुबकी मारकर करते हैं। मेले में प्रदेश भर से लोगों का आना जाना रहता है। स्थानीय लोगों ने दो दिन पहले यहां एक मगरमच्छ देखा। इसकी जानकारी वन दरोगा घिरोर को दी गई। शुक्रवार को वन दरोगा राजेश कुमार, वन रक्षक सुशील तिवारी और दिव्य प्रताप चाहर के साथ मार्कंडेय सरोवर पहुंचे। यहां सरोवर पर करीब दो घंटे तक टीम ने मगरमच्छ की तलाश की लेकिन मगरमच्छ होने की पुष्टि नहीं हो सकी। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से यहां दो रक्षकों की तैनाती की गई है।
जानकारी होने पर वन दरोगा घिरोर राजेश कुमार के नेतृत्व में एक टीम मौके पर भेजी गई थी लेकिन सरोवर में मगरमच्छ होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिर भी सतर्कता के तहत यहां दो गार्ड की तैनाती की गई है।
- राजीव दीक्षित उपक्षेत्रीय वनाधिकारी, मैनपुरी