आगरा। सदर की दो सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले में विदेशी कनेक्शन सामने आया था। पाकिस्तान में बैठे सरगना गिरोह को फंडिग करते थे। बाद में गिरोह के तार मानव तस्करी और अंग बेचने वालों से भी जुड़े मिले। इनमें से अब तक एक भी आरोपी नहीं पकड़ा जा सका है। पुलिस आयुक्त का कहना है कि विदेशी गिरोह पर शिंकजा कसने के लिए टीम पड़ताल में लगी है।
जुलाई में पुलिस ने धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया था। सदर की रहने वाली दोनों बहनों को दिल्ली से होते हुए कोलकाता ले जाया गया था। पुलिस ने पड़ताल करते हुए कोलकाता से दोनों बहनों को छुड़ाया था। इसके बाद गिरोह के 14 सदस्य गिरफ्तार किए गए थे। गिरोह को पाकिस्तान सहित कई और देशों से फंडिंग की जा रही थी। बाद में मानव तस्करी और अंग बेचने की बात भी सामने आई थी। आतंकी कनेक्शन पता चलने पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने भी जांच की थी।
पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि जेल भेजे गए आरोपियों से कई महत्वपूर्ण जानकारी हाथ लगी हैं। इन पर टीमें कार्य कर रही हैं। आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके बाद केस में नाम बढ़ाए जाएंगे। पाकिस्तान के अलावा भी कनाडा और अमेरिका से फंडिंग की बात सामने आई थी। कई और आरोपियों के नामों के बारे में पता चला है।