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Agra News: दुनिया के अनमोल खजाने में से एक है ताज, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने पत्नी और राजदूत के साथ देखा ताजमहल, एक घंटे तक रहे

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आगरा। पश्चिम एशिया में युद्ध के बीच तीन दिवसीय भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार सुबह पत्नी जेनेट रूबियो और राजदूत सर्जियो गोर के साथ ताजमहल का दीदार किया। अमेरिकी विदेश मंत्री ने ताजमहल देखने के बाद इसे दुनिया के अनमोल खजानों में से एक बताया। उनकी पत्नी ने कहा कि अगली बार वह अपने बच्चों को लेकर ताजमहल देखने आएंगी।
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सोमवार सुबह दिल्ली से विशेष विमान से अमेरिकी विदेश मंत्री अपनी पत्नी और 60 सदस्यीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के साथ खेरिया एयरफोर्स स्टेशन पर पहुंचे, जहां उनका स्वागत पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार, डीएम मनीष बंसल ने किया। खेरिया एयरपोर्ट से विदेश मंत्री अमर विलास होटल पहुंचे, जहां से वह ताजमहल सुबह 10:05 बजे आए।
गाइड नितिन सिंह ने उन्हें ताजमहल की पच्चीकारी और वास्तुकला की जानकारी दी। एक घंटे तक मार्को रूबियो ताजमहल में रहे। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कारण ताजमहल से पर्यटकों को बाहर कर दिया गया था। ताज के दीदार के बाद गोल्फ कार्ट से विदेश मंत्री फिर होटल पहुंचे और लंच के बाद विशेष विमान से आमेर फोर्ट देखने के लिए दोपहर 12:50 बजे जयपुर चले गए।
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डायना बेंच पर खिंचवाई तस्वीर
ताजमहल के सेंट्रल टैंक के पास मौजूद डायना बेंच पर अमेरिकी विदेश मंत्री ने पत्नी के साथ तस्वीर खिंचवाई। सुबह जिस समय मार्को रूबियो ताज पहुंचे, तब धूप तो तेज थी, लेकिन हवा चलने से उन्हें गर्मी ने ज्यादा परेशान नहीं किया। सुरक्षा कारणों से वह मकबरे के यमुना किनारे की ओर नहीं गए। उन्हें मकबरे के प्रवेश द्वार से ही बाहर निकाला गया। मकबरे में उन्होंने पच्चीकारी और खासतौर पर वास्तुकला में समानता की तारीफ की और कहा कि यह बेहद खूबसूरत है। विजिटर बुक में उन्होंने लिखा कि दुनिया के अनमोल खजानों में से एक को देखने की अनुमति देने के लिए आपका धन्यवाद।
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विदेश मंत्री को भाया ईरानी वास्तुकला का ताज
काले कोट-पैंट में रूबियो और गाउन में आईं जेनेट ने गाइड नितिन सिंह से ताजमहल की नक्काशी के बारे में कई सवाल पूछे। मार्को रूबियो ने पूछा कि ताजमहल को बनाने में कितने लोग लगे और यह कितने सालों में बनाया गया। गाइड नितिन सिंह ने बताया कि ईरानी वास्तुकला का प्रभाव ताजमहल पर है। उन्होंने मुमताज महल और ताज के आर्किटेक्ट के ईरान से जुड़ाव की भी जानकारी दी। जेनेट ने कहा कि वह जल्द ही अपने बच्चों को लेकर ताजमहल देखने आएंगी और सूर्योदय के समय सुनहरे ताज का दीदार करेंगी।
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