बाह। सुप्रीम कोर्ट द्वारा चंबल नदी में अवैध खनन पर लिए गए स्वत: संज्ञान के बाद, सेंट्रल इंपावर्ड कमेटी (सीईसी) के सदस्य सीपी गोयल ने रविवार को चंबल सफारी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नदी के शांत वातावरण और वहां पल रहे दुर्लभ जलीय जीवों व पक्षियों की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण की शुरुआत नंदगवा स्थित इंटरप्रिटेशन सेंटर से हुई, जहां जलीय जीवों, वन्यजीवों और प्रवासी पक्षियों की कलाकृतियों को प्रदर्शित किया गया है। यहां डीएफओ चांदनी सिंह ने उन्हें चंबल की एक खूबसूरत तस्वीर भेंट की और नदी की जैव विविधता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इसके बाद सीईसी सदस्य सीपी गोयल ने नंदगवा घाट से मोटर बोट के जरिए चंबल नदी में करीब 10 किलोमीटर तक भ्रमण किया। निरीक्षण के दौरान नदी किनारे बालू के टीलों पर घड़ियाल और मगरमच्छ धूप सेंकते नजर आए। पानी पर कॉम्ब डक, व्हिसलिंग टील, इंडियन स्कीमर और रिवर टर्न जैसे दुर्लभ पक्षी तैरते हुए दिखे। करीब 2 घंटे तक चले इस निरीक्षण में टीम को बाह के बीहड़ से लेकर नदी किनारे तक वर्तमान में खनन का कोई ताजा निशान नहीं मिला। हालांकि, श्री गोयल ने पूर्व में हुए अवैध खनन के मामलों की गहन पूछताछ की और अधिकारियों से जानकारी जुटाई। निरीक्षण के दौरान एसडीओ इटावा केसी शेखर, रेंजर कुलदीप सहाय पंकज, एसीपी बाह हरेकृष्ण शर्मा, नायब तहसीलदार सुधीर गिरी, पंकज सिंह, राहुल जादौन, राजेश कुमार, टिंकू आदि रहे।