आगरा। किरावली पुलिस ने फिर एक बालक को शारीरिक चोट के साथ गहरा मानसिक आघात लगा है। भूखे पेट दिन भर हिरासत में रखकर पिटाई करने से वह खाकी रंग देखकर डर रहा है। पूरा परिवार दहशत में है। ग्रामीण दोषी पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी नहीं होने पर प्रदर्शन की चेतावनी दे रहे हैं।
पीड़ित छात्र करन ने बताया कि वह परीक्षा देकर लौटा ही था कि दरोगा अनुराग और इशांत घर आ गए। उसने काफी मिन्नतें कर पिता के आने पर उनके साथ चौकी आने की गुहार लगाई पर दोनों नहीं माने। उसे गुंडा और बदमाश कहते हुए गालियां देने लगे। जैसे -तैसे ताऊ को बुलाया तो दोनों ने उनके बेटे रोहित का भी शिकायत में नाम बताकर उसे भी साथ ले जाने को कहा।
ताऊ दोनों भाइयों को साथ लेकर दरोगा के साथ चौकी गए। वह डर और धमकी के कारण खाना भी नहीं खा पाया। चौकी पर उसे किसी अपराधी की तरह पीटा गया। हाथ और पैरों पर पर डंडे बरसाए, पीछे पट्टे मारे। कई दर्द निवारक दवाएं लेने पर भी आराम नहीं मिल रहा है। ताऊ बबलू ने बताया कि चौकी से लौटने के बाद भतीजा बार-बार सहम कर नींद से जाग रहा था। शनिवार रात जब पुलिस अधिकारी आए तो भतीजा डर के कारण कांपने लगा। काफी समझाने के बाद वह अधिकारियों के सामने आकर बोलने की हिम्मत कर पाया।