इंटरनेशनल ताज बैलून फेस्टिवल का शुक्रवार सुबह सतरंगी आगाज हुआ। ताजनगरी के आसमां पर 10 हॉट एयर बैलून ने अल सुबह उड़ान भरी लेकिन तेज हवा ने मजा किरकिरा कर दिया। दो हजार फीट की ऊंचाई से ताजमहल का दीदार करने की ख्वाहिश लेकर आए सैलानियों को मायूस होना पड़ा। पांच बैलून की राइड कैंसिल कर दी गई। जो 10 बैलून उड़े भी, उनमें से तीन की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। ऊटंगन नदी के बीहड़ में दो बैलून और शमसाबाद के गांव में एक बैलून की लैंडिंग में तीन लोग चोटिल हो गए।
हवा का रुख देखकर सुबह 5:30 बजे पहले रामलीला तो फिर 11 सीढ़ी और बाद में पीएसी मैदान को बैलून उड़ान के लिए चुना गया। अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्जियम, कनाडा, स्पेन, यूएई, नीदरलैंड, तुर्की, स्विट्जरलैंड, पोलैंड और मलयेशिया समेत 15 देशों के बैलून एक्सपर्ट बैलून लेकर पहुंचे। 10 बैलून हवा का रुख देखकर उड़ाए गए, लेकिन इस बीच हवा की रफ्तार एकाएक तेज हो गई और बैलून दिशा भी बदल गई। इससे ताज की ओर जाने वाले बैलून शमशाबाद, फतेहाबाद की ओर पहुंचने लगे। अन्य बैलून पायलटों ने उड़ान भरने से इनकार कर दिया। इसके बाद आयोजक स्काई वाल्ट्ज और यूपी टूरिज्म ने राइड कैंसिल कर दीं। तीन लोकप्रिय किरदार हैप्पी एग, बॉब द लाबस्टर और स्मर्फ की उड़ान नहीं हो सकी। शाम को पीएसी मैदान पर टीथर्द फ्लाइट और नाइट ग्लो कांसर्ट किया गया, जिसे देखने काफी लोग उमड़े।
तेज हवा में लैंडिंग से पलट गई बास्केट
दो हजार फुट ऊंचाई से रोमांचक नजारा ले रहे पर्यटकों को तब मुश्किल आई, जब हवा की रफ्तार एक वक्त 40 किमी प्रति घंटे तक पहुंच गई। पायलट बैलून को नीचे लाए लेकिन हवा की रफ्तार कम न हुई। बैलून राइड के लिए 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवा ही अच्छी है। बैलून नंबर 14 कुआंखेडा गांव के पास इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान खेत में गिरा। इससे बास्केट पलट गई और इसमें सवार तीन लोगों को चोट आई। तेज हवा में लैंडिंग में ज्यादातर सभी बैलूनों में दिक्कत आई। स्काई वाल्ट्ज सीईओ समित गर्ग ने बताया कि तेज हवा के दौरान ऐसी लैंडिंग होती है जिसमें बास्केट 100 मीटर तक घिसटती है लेकिन उनके यात्रियों की सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है।
ऊटंगन के बीहड़ में दो बैलून की इमरजेंसी लैंडिंग
पिनाहट। ताज बैलून फेस्टिवल का एक बैलून 60 किमी दूर पिनाहट क्षेत्र के गुर्जा रामजस में ऊटंगन नदी केबीहड़ में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। पीएसी मैदान से उड़ान भरने के चंद मिनट बाद ही 2000 फीट की ऊंचाई पर तेज हवाएं चलने लगीं। पायलट तेज रफ्तार से लैंडिंग में खतरा भांपते हुए इसे सुरक्षित जगह की तलाश में दूर तक ले गया। दूसरा बैलून भी थाना मंसूखपुरा के गांव शाहपुर खालसा में ऊटंगन नदी के किनारे ही उतरा। बैलून देखकर बड़ी तादात में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। बास्केट के पलट जाने से इसमें सवार तीन यात्रियों को कुछ चोटें आई हैं। आयोजकों ने लोकेशन ट्रैक कर बैलून और यात्रियों को वापस पीएसी मैदान पहुंचाया।
‘दुनिया में 50 जगह वह हॉट एयर बैलून उड़ा चुके हैं, लेकिन आगरा की बात ही निराली है। यहां ताज को देखना दिलचस्प है। भारत में बैलूनिंग अब बढ़ेगी। यहां भी पायलट बनने वालों की तादात बढ़ रही है।’
शेन राबिंसन
पायलट