कानूनी विवाद में घिरी लाभचंद्र मार्केट एक बार फिर सुर्खियाें में है। किराया प्राधिकरण ने मार्केट स्वामी के तौर पर वाद दाखिल करने वाले श्रीचंद जैन के पक्ष में फैसला सुनाते हुए मौजूदा किरायेदारों को 88 हजार रुपये प्रति माह की दर से किराया अदा करने का आदेश जारी किया है। अभी तक किरायेदार 93.75 रुपये प्रति माह किराया दे रहे थे। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब मार्केट का मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है।
सिविल लाइंस के प्रोफेसर कॉलोनी निवासी श्रीचंद जैन ने लाभचंद्र मार्केट के भवनस्वामी के तौर पर किराया प्राधिकरण में वाद दायर किया था। दाखिल वाद में जैन ने बताया कि लंबे समय से किरायेदार नवजीवन बुक डिपो कि संचालक विशन कुमार व सुरेंद्र कुमार से मौजूदा समय में चल रही दर पर किराया देने के लिए कह रहे थे। वादी का कहना था कि 117.44 वर्ग फीट की दुकान का वर्तमान बाजार दर पर किराया तय होना चाहिए।
तर्क दिया कि इसी क्षेत्र की अन्य दुकानों का मूल्यांकन और किराया काफी अधिक है, जबकि किरायेदार दशकों पुराने रेट पर काबिज हैं। विपक्ष ने मालिकाना हक और दुकान की जर्जर स्थिति का हवाला देते हुए विरोध किया। उनका कहना था कि लीज खत्म होने के बाद जैन भवनस्वामी नहीं रहे। साथ ही यह भी कहा कि सरकार से जमीन का पट्टा लेने वाले जैन सरकार को कम कराया दे रहे हैं।
एडीएम नागरिक आपूर्ति अजय नारायण सिंह ने बतौर किराया प्राधिकरण के न्यायाधीश दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों को देखने के बाद दुकान का नया किराया 750 रुपये प्रति वर्ग फीट के हिसाब से तय कर दिया। इस दर से किराया हर महीने करीब 88 हजार रुपये महीना बनता है। आदेश में स्पष्ट किया गया कि बढ़ी हुई दरें 12 जनवरी 2023 से लागू मानी जाएंगी। इसके साथ ही प्राधिकरण ने किरायेदार को 30 दिन के भीतर नया लिखित अनुबंध कर उप-निबंधक कार्यालय में पंजीकृत कराने के निर्देश जारी किए।