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Agra: यमुना बीहड़ में रातभर धधकी आग, ग्रामीणों ने बचाई सैकड़ों बीघा फसल; वन्य जीवों में मची भगदड़

Thu, 19 Mar 2026 08:18 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

आगरा के बाह क्षेत्र में यमुना के बीहड़ में लगी आग से अफरा-तफरी मच गई, वन और फायर टीमों ने ग्रामीणों के साथ मिलकर काबू पाया।समय रहते प्रयासों से किसानों की सरसों और गेहूं की सैकड़ों बीघा फसल जलने से बच गई।
 
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धधका चौरंगाबीहड़ का जंगल - फोटो : samvad
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विस्तार
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बाह के चाैरंगा बीहड़ गांव का यमुना का जंगल मंगलवार रात भर धधका। वन, अग्निशमन विभाग की टीमें ग्रामीणों के साथ आग बुझाने में जूझती रहीं। बीहड़ के किनारे के खेतों में सरसों और गेंहू की फसल जलने से बचने पर किसानों ने राहत की बड़ी सांस ली है।
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गर्मी की शुरूआत के साथ ही यमुना-चंबल के बीहड़ में आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। मंगलवार की रात 8 बजे बाह के चौरंगाबीहड़ गांव के यमुना के जंगल से आग की लपटें उठने लगी। जिससे गांव में अफरा तफरी मच गई। सियार, लोमड़ी, लकड़बग्घा आदि वन्य जीवों में भगदड़ मच गई। सूचना पर वन और अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। बीहड़ में रास्ता न होने की बजह से खेतों के किनारे के जंगल में आग बुझाने में ग्रामीणों के साथ पूरा अमला जुटा रहा।

 डंडे और धूल से बुझाई आग के चलते बीहड़ के किनारे के खेतों में सरसों एवं गेंहू की फसल जलने से बच गई। अग्निशमन टीम के मुताबिक राजवीर सिंह, सुरेश नरायन, सुरेश सिंह के 8-8 बीघा रकबे में, भूरे सिंह, जयचंद्र सिंह के 4-4 बीघा रकबे में सरसों की, धर्म सिंह के 10 बीघा रकबा, मान सिंह के 6 बीघा रकबा, रामपाल के ढाई बीघा रकबे में गेंहू की फसल जलने से बच गई। जैतपुर के रेंजर काेमल सिंह ने बताया कि आग से घास, फूस, झाड़ी जले हैं, पौध रोपण वाले इलाके में नुकसान नहीं हुआ है, कोई वन्य जीव हताहत नहीं हुआ है।
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