फोटो07गांव म्यासुर में एक खेत में भरा बरसात का पानी । संवाद
कासगंज। जिले में 24 घंटे से अधिक समय से लगातार होने वाली बारिश ने बाजरा की खेती करने वाले किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों के नुकसान से किसान चिंतित हैं।जिले में 49695 हेक्टेयर में बाजरा की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस फसल की बुवाई 15 अगस्त से शुरू होती है। किसानों ने 22105 हेक्टेयर में अब तक फसल की बुवाई का कार्य पूरा कर लिया है। जिन किसानों ने लगभग एक सप्ताह पहले फसल की बुवाई की है उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया है। 24 घंटे से लगातार हुई बारिश से खेत जलमग्न हो गए हैं। इससे बाजरा के छोटे पौधे पूरी तरह से पानी में डूब गए हैं। इससे पौध के साथ ही हाल में बोए गए बीज के सड़ने का भी खतरा पैदा हो गया है। लगातार हो रही बारिश का असर मक्का की खेती पर भी पड़ सकता है। खेतों में पानी भरने से फसल के पीले पड़ने की संभावना से मक्का की खेती करने वाले किसान भी चिंतित नजर आने लगे हैं।