फोटो22गंजडुंडवारा में बारिश के दौरान बाजार में हुए जलभराव के बीच से होकर गुजरता बाइक सवार ।सं
कासगंज। जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। जगह-जगह जलभराव हो जाने से लोगों को आवागमन में दिक्कत हुई। बाजार की चहल-पहल पर भी असर पड़ा। 24 घंटे में 99 मिमी औसत बारिश रिकार्ड की गई। सबसे अधिक 130 मिमी बारिश सहावर तहसील में दर्ज की गई। पटियाली तहसील क्षेत्र में 95 मिमी और कासगंज तहसील क्षेत्र में 72 मिमी बारिश हुई।जिले में रविवार को सुबह 11 बजे से बारिश शुरू हुई। यह सिलसिला रुक-रुक कर दिन भर चला। मध्य रात्रि के बाद तेज गरज-चमक से साथ फिर बारिश हुई। बारिश से मामों के परिषदीय स्कूल में पानी भर गया। इसके अलावा शहर में फोरलेन मार्ग पर भाजपा कार्यालय के सामने, सोरोंगेट, बिलराम गेट, प्रभुपार्क, गांधी मूर्ति सहित तमाम इलाके जलमग्न हो गए। सुबह 9 बजे के बाद बारिश हल्की पड़ी, हालांकि दोपहर 12 बजे तक रुक-रुक कर बारिश होती रही। बारिश के चलते बाजार पर असर देखा गया। काफी कम संख्या में लोग बाजार में निकले। सोरोंजीमें बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। इसका असर बाजार में देखा गया। आवागमन की समस्या होने के कारण व्यापारी अपने घरों से नहीं निकल सके। देर से बाजार खुले। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के न आने से बाजार में रौनक गायब रही। बारिश के कारण तीर्थनगरी के कसरेट बाजार, चौदहपोर, चौंसठ, बारु, चक्रतीर्थ आदि मोहल्लों में जल भराव से स्थानीय बाशिंदों की दुश्वारियां बढ़ गईं। चंदन चौक में जल निगम द्वारा पाइप लाइन डालने के बाद गड्ढे मिट्टी से भर दिए गए लेकिन निरंतर बारिश से गड्ढों की मिट्टी बैठ गई जिससे इन गड्ढों में कई दुपहिया वाहन फंस गए जो काफी मशक्कत के बाद निकाले जा सके। अमांपुर में लगातार दूसरे दिन सोमवार को भी जमकर होने से जनजीवन पर असर देखा गया। कस्बा से लेकर गावों तक जल निकासी न होने से सड़कें तालाब में तब्दील हो गई। राहगीरों को पानी में होकर गुजरना पड़ा। नगर पंचायत ने इंजन ट्रॉली लगाकर जल निकासी कराई। बारिश के चलते कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति ठप रही। गंजडुंडवारा में 24 घंटे से लगातार होने वाली बारिश से सड़कें ताल-तलैया नजर आने लगी। सड़कों पर कई फुट पानी भर गया। इससे लोगों की समस्याएं बढ़ गई। लगातार होने वाली बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने सुबह कक्षा 12 बजे तक स्कूल बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए। आदेश मिलते ही स्कूल संचालकों ने विद्यालयों के ग्रुपों पर स्कूल बंद होने के संदेश डाल दिए, लेकिन काफी संख्या में बच्चे ऐसे भी रहे जिनको सूचना नहीं मिल सकी। वे स्कूल से बारिश में भीगते हुए घर लौटे।