सूरसदन में नाटक जब शहर हमारा सोता है का मंचन करते कलाकार।
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आगरा। सूरसदन प्रेक्षागृह में शुक्रवार को भरत काव्यम सांस्कृतिक संस्थान की ओर से नाटक ‘जब शहर हमारा सोता है’ का मंचन किया गया। शुभारंभ विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, एडवोकेट बसंत गुप्ता और गिरधर शर्मा ने किया।
नाटक की कहानी दो समुदायों के बीच वर्षों से चली आ रही रंजिश के इर्द-गिर्द घूमती है। शहर के दो बदनाम गैंग फनियर और खंजर की दुश्मनी तब और भड़क उठती है, जब मेले में अलग-अलग समुदाय के युवक और युवती के बीच जन्म ले रहा प्रेम, सांप्रदायिक तनाव में बदल जाता है।
नाटक में आभास की भूमिका में हर्ष महेरे, तराना की भूमिका में नव्या, निशि की आयशा, विलास की विजय, असलम की कनिष्क, तबस्सुम की आकांक्षा, चाचा की आकाश, अंटा की आयुष, मदमस्त की भूमिका में पंकज धाकरे ने दर्शकों को भावविभोर किया। प्रकाश परिकल्पना अनुज कुमार, संगीत शिवम कुमार रायकवार ने किया। नाटक के लेखक वरिष्ठ अभिनेता पीयूष मिश्रा, निर्देशन हर्ष महेरे ने किया। इस दौरान बालकिशन श्रीवास्तव, मुकुल शर्मा, मनीष अग्रवाल, डॉ. मुकेश जैन, दीपक ढल, सुशील कुमार गोत्र, हिमानी चतुर्वेदी आदि मौजूद रहे।