यमुना नदी के बटेश्वर घाट पर बना पांटून पुल।
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बाह। बटेश्वर के घाट पर यमुना नदी पर बाह के कल्यानपुर-भरतार गांव को जोड़ने वाला पांटून पुल बुधवार से हटना शुरू हो गया है। 15 अक्तूबर तक चार महीने दोनों गांव अब यमुना नदी की कैद में रहेंगे।
करीब 2500 की आबादी वाले कल्यानपुर-भरतार गांव को बटेश्वर से जोड़ने के लिए यमुना नदी पर पांटून पुल बना हुआ था। पुल के रास्ते गांव के बच्चे पढ़ने के लिए स्कूल आते जाते हैं। बाजार करना हो या फिर बीमार को इलाज के लिए ले जाना हो, पांटून पुल से आसान हो गया था। लोगों को खेती-किसानी के काम में पुल से राहत मिलती है।
समय सीमा खत्म होने के साथ ही पांटून पुल हटने लगा है। गांव के लोग अब मोटरबोट पर आश्रित रहेंगे। वाहनों की आवाजाही बंद होने से गांव के लोगों को मुश्किलें होंगी। पीडब्ल्यूडी के ठेकेदार चंद्रसेन तिवारी के मुताबिक 15 अक्तूबर को पुल का फिर से निर्माण होगा। गांव के पूर्व प्रधान रामवीर सिंह, जगवीर सिंह, हरवीर सिंह, शिववीर सिंह, कुलदीप भदौरिया, रिंकू भदौरिया आदि ने पांटून पुल की सौगात देने के लिए विधायक पक्षालिका सिंह से पक्के पुल के निर्माण की मांग की है।
चंबल नदी के कैंजराघाट और बटेश्वर घाट पर पक्के पुल के निर्माण की मांग मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने रखी है। उन्होंने मांग प्रस्ताव पर अमल का आश्वासन दिया है। पुलों के निर्माण के लिए फिर मुख्यमंत्री के सामने फिर से जन भावनाएं रखी जाएंगी। उम्मीद है कि जल्द ही पक्के पुलों को मंजूरी मिलेगी- पक्षालिका सिंह, विधायक बाह