चट मंगनी-पट ब्याह मुहावरा तो आपने सुना होगा। चुनाव का खेल इससे भी तेज चल रहा है। रालोद में तो कमाल ही हो गया। दक्षिण सीट से निर्दलीय पर्चा भर चुके पूर्व विधायक चौधरी बशीर ने सोमवार शाम चार बजे रालोद ज्वाइन की। महासचिव जयंत चौधरी को इसकी सूचना फोन पर दी गई। इसके एक घंटे बाद ही पार्टी पदाधिकारियों के मोबाइल पर बशीर को दक्षिण से टिकट दिए जाने का व्हाट्स एप मैसेज आ गया।
इसी तरह बाह सीट पर सुधीर दुबे को टिकट मिला है। वह कांग्रेस से टिकट पाने की होड़ में थे। आस टूटी तो रविवार को रालोद का दामन थाम लिया। सोमवार की दोपहर टिकट मिल गया। उत्तर सीट से उमेश वर्मा कांग्रेस से टिकट मांग रहे थे। कांग्रेस-सपा के गठबंधन की सूची में नाम फाइनल न होने पर रविवार की शाम रालोद में शामिल हुए।
तीन घंटे बाद उनके नाम पर भी मुहर लगा दी। प्रदेश अध्यक्ष डा. मसूद अहमद का कहना है कि पार्टी की नीतियों से जो प्रभावित है, उनका स्वागत है। मजबूत प्रत्याशी होने पर ही टिकट दिया गया है।
कैंट में बड़े भाई का टिकट काटकर छोटे को थमाया
रालोद ने रामेंद्र परमार को खेरागढ़ से टिकट दिया है। परमार पार्टी में प्रदेश महासचिव हैं। छावनी सीट पर पार्टी ने बदलाव किया है। अब अवधेश सिंह सुमन प्रत्याशी होंगे। इससे पहले स्वदेश सुमन उर्फ वीरू सुमन को टिकट दिया गया था। अवधेश, वीरू सुमन के छोटे भाई हैं। इनके पिता नारायण सिंह ग्रामीण से प्रत्याशी हैं।
पहली बार सभी सीटों पर रालोद
राष्ट्रीय लोकदल पहली बार शहर की सीटों पर प्रत्याशी उतारे हैं। अभी तक पार्टी ने देहात की सीटों पर ही ताल ठोंका था। 2012 विधान सभा चुनाव की बात करें कांग्रेस के साथ गठबंधन होने पर एत्मादपुर, फतेहाबाद, खेरागढ़ और फतेहपुर सीकरी थी। बीता लोकसभा चुनाव भी कांग्रेस के साथ लड़े। सीकरी की सीट से रालोद ने प्रत्याशी उतारा।
फतेहाबाद महान दल के खाते में
प्रदेश प्रवक्ता कप्तान सिंह चाहर ने बताया कि रालोद और महान दल के बीच गठबंधन हुआ है। फतेहाबाद सीट पर महान दल प्रत्याशी उतारेगा।
उत्तर- उमेश वर्मा
दक्षिण: चौधरी बशीर
कैंट: अवधेश
खेरागढ़: रामेंद्र परमार
बाह: सुधीर दुबे
ग्रामीण: नारायण सिंह सुमन
एत्मादपुर: नरेंद्र सिंह बघेल
फतेहपुर सीकरी: बृजेश चाहर