आगरा। ताजनगरी में भीषण गर्मी और तन झुलसाने वाली लू का सितम दिन-ब-दिन आक्रामक होता जा रहा है। दिन को तपाने के बाद बृहस्पतिवार की रात साल की सबसे गर्म रात रही। प्रदेश में झांसी के बाद आगरा में न्यूनतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विज्ञान विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक शहर का अधिकतम तापमान सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 44.8 डिग्री पर पहुंच गया। दोपहर के समय तेज हवा के साथ सूरज की तीखी किरणों और तपती सड़कों के कारण प्रमुख बाजारों और रास्तों पर सन्नाटा पसरा रहा।
दिन में पड़ रही प्रचंड गर्मी के बीच अब रातें भी झुलसाने लगी हैं। आगरा में इस साल की सबसे गर्म रात दर्ज की गई है। रात का न्यूनतम तापमान सामान्य के मुकाबले 3.5 डिग्री की भारी बढ़ोतरी के साथ 30 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सूर्यास्त के बाद भी वातावरण में ठंडी हवा के बजाय उमस और तल्खी बनी रही, जिससे लोगों को घरों के भीतर भी चैन नहीं मिल पाया। शाम तक गर्म हवा के थपेड़े (लू) चलते रहे। इस बीच, मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए अगले दो दिनों में तापमान में और 2 से 3 डिग्री कीे बढ़ोतरी होने का अनुमान जताया है।
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हीट इंडेक्स पहुंचा 50 के पार
बृहस्पतिवार दोपहर 2.30 बजे आगरा का हीट इंडेक्स (ताप सूचकांक) 50-60 के मध्य रहा। साधारण भाषा में कहें तो, जब हीट इंडेक्स 50 से 60 के बीच होता है, तो हवा में इतनी ज्यादा उमस होती है कि आपका पसीना सूख ही नहीं पाता। नतीजा कि शरीर का नेचुरल ''''कूलिंग सिस्टम'''' पूरी तरह फेल हो जाता है और शरीर के अंदर की गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और शरीर जानलेवा गर्मी महसूस कर रहा है। इस स्थिति को मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है। ऐसे में कुछ ही मिनट धूप या भारी उमस में बिताने पर लू लग सकती है। शरीर का तापमान अचानक 104°F (40°C) या उससे ऊपर पहुंच जाता है। व्यक्ति बेहोश हो सकता है। इसके अलावा गंभीर डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और भ्रम की स्थिति हो सकती है।
तापमान प्रतिशतता (परसेंटाइल) पहुंची 98
बीते बुधवार को आगरा के अधिकतम तापमान की प्रतिशतता 98 रही। उदाहरण के लिए बुधवार को अधिकतम तापमान 45.3 डिग्री सेल्सियस था। जो सामान्य से 4.4 डिग्री अधिक था। मौसम विभाग के अनुसार प्रतिशतता का मतलब 20 मई को ऐसी भीषण गर्मी सिर्फ विगत बुधवार से पहले 2 बार ही पड़ी होगी।
तेज धूप से बचाव करते लोग।