बिचपुरी। बाजरे की बुवाई के बाद अंकुरण हो चुका है, लेकिन बारिश नहीं होने से किसान परेशान हैं। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार अंकुरण के बाद के 15 से 20 दिन फसल के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इस समय नमी की कमी से पौधों की बढ़वार रुक सकती है और पैदावार पर भी असर पड़ सकता है।
कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के शस्य विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. अंकुर त्रिपाठी ने बताया कि जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा है, वे खेत में 3 से 5 सेंटीमीटर तक हल्की सिंचाई करें। जहां सिंचाई की सुविधा उपलब्ध नहीं है उन खेतों पर अनावश्यक आवाजाही से बचें और मिट्टी की ऊपरी परत को ढीला रहने दें, जिससे नमी लंबे समय तक बनी रहे। किसानों को खेत में उगे खरपतवार को हटाने की सलाह देते हुए कहा कि खरपतवार फसल की नमी और पोषक तत्वों का बड़ा हिस्सा ले लेते हैं। पर्याप्त बारिश या सिंचाई होने तक यूरिया या अन्य नाइट्रोजन उर्वरकों की टॉप ड्रेसिंग न करें, क्योंकि सूखी मिट्टी में इसका पूरा लाभ नहीं मिलता है।