आगरा। जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी का 2625वां जन्म कल्याणक महोत्सव सोमवार को एमडी जैन इंटर कॉलेज मैदान पर श्रद्धा और उल्लास के साथ शुरू हुआ। मुनि विलोक सागर महाराज ने कहा कि आज के बच्चे पढ़ाई की डिग्री तो ले रहे हैं लेकिन उनके पास एक बीपीएम (बाप के पैसे पर मौज) की भी डिग्री है। उन्होंने अफसोस जताया कि संयुक्त परिवार खत्म हो रहे हैं, इससे बच्चे माता-पिता से झगड़ रहे हैं। उन्हें दादा-दादी से संस्कार नहीं मिल पा रहा है।
दिगंबर जैन परिषद की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में मुनि विलोक सागर महाराज और मुनि विबोध सागर महाराज के प्रवचनों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। हरीपर्वत स्थित अहिंसा चौक पर मंत्रोच्चारण के साथ प्रदीप जैन ने ध्वज फहराया और विमलेश व नितिन जैन ने दीप प्रज्वलन किया।
मुनिश्री विलोक सागर महाराज ने कहा कि कोयले की दलाली में लाभ हो न हो, हाथ काले जरूर होते हैं। उसी तरह इत्र के व्यापार में लाभ न भी हो तो भी हाथों में खुशबू बस जाती है। पापी की संगत पापी बनाएगी और मुनि की संगत पुण्य आत्मा। इससे पूर्व मुख्य पंडाल का उद्घाटन जितेंद्र कुमार, अखिल बरौल्या, निर्मल मोट्या ने किया। मंगलाचरण शांतिनाथ महिला मंडल ने प्रस्तुत किया।
सेवा और संस्कृति का संगम
महोत्सव के पहले दिन भारतीय पल्लीवाल जैन महासभा ने निशुल्क चिकित्सा शिविर और परिषद की ओर से रक्तदान शिविर लगाया गया। दोपहर में महिलाओं और बच्चों के लिए मेहंदी, रंगोली, चित्रकला और व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। शाम को मान स्तंभ की महाआरती हुई और रात में दिल्ली के कलाकारों ने रानी चेलना व राजा श्रेणिक नाटिका का मंचन किया गया।
इस दौरान डॉ. जितेंद्र जैन, परिषद अध्यक्ष जगदीश प्रसाद जैन, मनीष जैन, राकेश जैन, संयोजक विमल जैन, आशीष जैन मोनू, राहुल जैन, सुनील जैन, पार्षद राकेश जैन, विशाल, शोभित जैन, अमित जैन, प्रमेंद्र जैन, अनिल जैन आदि मौजूद रहे। संवाद