मैनपुरी। थाना घिरोर और औंछा पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान जिन गो-तस्करों को गिरफ्तार किया है, वह सभी राजस्थान के रहने वाले हैं। एसपी ग्रामीण राहुल मिठास ने बताया कि यह राजस्थान का सक्रिय गैंग है। यह लोग अपने साथ कुछ गोवंश भी लेकर आते हैं, ताकि लोगों से मेलजोल बढा सके। इसके बाद टीमें रात को रेकी करतीं हैं और पशु एकत्रित कर वाहनों में लादकर ले जाते हैं।
एसपी ग्रामीण ने बताया कि राजस्थान के इस गैंग के सदस्य आते ही गांव के बाहर कभी डेरा डाल कर रहते हैं, तो कभी पशु चराने वाले बन जाते हैं। साथ लाए पशुओं को चराते हुए यह छुट्टा घूम रहे गोवंश की रेकी करते हैं। गांव में आने जाने वाले रास्ते और पुलिस चौकी, थाने आदि के बारे में भी जानकारी एकत्रित करते हैं। इस गैंग के लोग एक दूसरे से अधिक दूर नहीं जाते, जब पशु एकत्रित कर लेते हैं, तो रात को सभी एक जगह एकत्रित होकर वाहन में गोवंश को लाद कर ले जाते हैं। छुट्टा घूम रहे गोवंश कम होते हैं, जिस पर ग्रामीण अधिक ध्यान भी नहीं देते।
राजस्थान पुलिस से मांगी गई आपराधिक जानकारी
एसपी ग्रामीण ने बताया कि पकडे़ गए गो-तस्करों के खिलाफ घिरोर और औंछा थाने में मुकदमे दर्ज किए गए हैं। राजस्थान पुलिस से भी संपर्क किया गया है। वहां से गो-तस्करों के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी मांगी गई है। बरामद हुए असलहा और कारतूस आदि को जब्त किया गया है।