गजपुरा के प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापिका द्वारा बाउंड्रीवाल में स्कूल की ही पुरानी ईंट से बनाने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाने की खबर का अमर उजाला ने प्रकाशन किया था। जांच में सही पाए जाने पर बीईओ ने पुरानी ईंटों से निर्मित बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कर नई ईंटों से बाउंड्रीवाल का आदेश देकर जवाब मांगा था। प्रधानाध्यापिका ने आदेश के बाद नींव सहित पुरानी ईंटों को मौके से संकुल प्रभारी के सामने ध्वस्त कर नई ईंटों से बाउंड्रीवाल का कार्य शुरू करवा दिया है।
क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय गजपुरा में नई बाउंड्रीवाल के लिए 4.41 लाख रुपये मिले थे। काम करवाने की जिम्मेदारी प्रधानाध्यापिका मीरादेवी को सौंपी गई थी। निर्माण कार्य भी शुरू हो गया था। लेकिन नई ईंटों की जगह स्कूल के ही जर्जर भवन की निकली पुरानी ईंटों से बाउंड्रीवाल का निर्माण शुरू कर दिया गया। शिकायत ग्रामीणों ने बीईओ सुनील कुमार से की। बीईओ की जांच में ग्रामीणों की बात सही पाए जाने पर प्रधानाध्यापिका से हुए निर्माण को ध्वस्त कर नई ईंटों से निर्माण करवाने के लिखित आदेश के साथ एक सप्ताह में जबाव देने को कहा। कि आखिर पुरानी ईंटों से निर्माण क्यों करवाया गया। बीईओ ने संकुल प्रभारी को विद्यालय भेजकर मौके से पुरानी ईंटों से बनी बाउंड्रीवाल को ध्वस्त कराकर नई ईंटों से निर्माण शुरू करवा दिया है।