आगरा। भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शनिवार को हुई बैठक में कार्यकर्ताओं को एकजुटता के साथ काम करने का मंत्र दिया, लेकिन उसी बैठक के बाद गुटबाजी तेज हो गई। एटा सदर से विधायक विपिन वर्मा डेविड ने प्रदेश पदाधिकारियों से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बेटे व पूर्व सांसद राजवीर उर्फ राजू भइया को मंच पर बैठाए जाने पर एतराज जताया है। डेविड की इस आपत्ति को पूर्व सांसद राजवीर और केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा खेमे के बीच गुटबाजी का परिणाम माना जा रहा है।
दरअसल, लोधी राजपूतों की सियासत की धुरी रहे पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के बाद एक ओर जहां उनके बेटे राजवीर ने इस वोटबैंक का नेतृत्व करने की कोशिश की। वहीं, बाबूजी के करीबी रहे मौजूदा केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने भी अपनी पकड़ को मजबूत करने का प्रयास किया। इस कोशिश के बीच बीएल वर्मा का नाम जब प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सामने आया तो उनके ही सजातीय नेताओं पर उन्हें पीछे लाने की बात कही जाने लगी।
पंकज चौधरी के नाम के एलान के बाद मामला शांत हो गया। हालांकि, आगरा में शनिवार को जब पंकज चौधरी ने ब्रज क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और नेताओं की बैठक ली तो दोनों खेमों के बीच फिर सियासी खींचतान शुरू हो गई। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि सभी सांसदों-विधायकों व पूर्व सांसदों-विधायकों को नीचे बैठाया गया था। सिर्फ कैबिनेट मंत्री व पार्टी पदाधिकारी ही मंच पर बैठाए जाने थे।
हालांकि, इस निर्धारित व्यवस्था के बावजूद पूर्व सांसद राजवीर को मंच पर बुला लिया गया। लोधी वोटों के सर्वमान्य नेता बनने की होड़ के बीच राजवीर को मंच पर जगह दिए जाने को बीएल वर्मा खेमे ने बेहद नकारात्मक रूप में लिया। यही वजह है कि वर्मा के खेमे के माने जाने वाले डेविड ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। फिलहाल पार्टी पदाधिकारी विवाद से पल्ला झाड़ रहे हैं। प्रदेश महामंत्री राम प्रताप सिंह चौहान ने ऐसे किसी विवाद की जानकारी से इन्कार किया है। कहा कि मंच संचालन क्षेत्रीय अध्यक्ष की टीम का जिम्मा है, इसलिए वह बेहतर बता सकते हैं। वहीं, क्षेत्रीय अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य ने ऐसी किसी आपत्ति की जानकारी से इन्कार किया है।
सांसद नीचे तो पूर्व सांसद ऊपर कैसे
विधायक विपिन वर्मा अपनी आपत्ति पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि कौन कहां बैठेगा, इसको लेकर पहले से स्पष्टता रहती है। ऐसे में मनमाने तरीके से पूर्व सांसद को मंच पर बैठाया जाना आपत्तिजनक है, जबकि सांसद नीचे बैठे थे। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व से अपनी बात रखी है।