आगरा। डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय की मुख्य परीक्षा में प्रश्नपत्र दिशा-निर्देशों के अनुरूप न पूछे जाने से परीक्षार्थियों की मुश्किलें बढ़ रही हैं। शनिवार को पहली पाली में बीए तृतीय वर्ष की हिंदी साहित्य विषय के दूसरे प्रश्नपत्र की परीक्षा हुई। इसमें 10 प्रश्न तो पूछे गए लेकिन पहले दो प्रश्नों के उत्तर लिखना अनिवार्य कर दिया गया। जबकि किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर लिखने का विकल्प दिया जाना था। बाकी के आठ प्रश्नों में से किसी दो के उत्तर लिखने का विकल्प दिया गया।
विश्वविद्यालय की परीक्षा समिति में लिए गए निर्णय और जारी दिशा-निर्देशों के तहत परीक्षा में कुल 10 प्रश्न पूछे जाने थे। इसमें किसी चार प्रश्नों का उत्तर परीक्षार्थियों को देना था। बीए तृतीय वर्ष के परीक्षार्थी दीपक कुमार के मुताबिक प्रश्नपत्र में द्रुत पाठ का अंश प्रश्न अनिवार्य प्रश्न के रूप में पूछ लिया गया, इसे पढ़ा नहीं था। प्रश्न का उत्तर लिखने में परेशानी हुई। दस में से किसी चार प्रश्नों का उत्तर लिखने का विकल्प मिलता तो उत्तर आसानी से लिख दिए जाते।
प्रश्नपत्र तैयार करने वाले शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा, दिशा-निर्देशों को ध्यान से पढ़ा नहीं होगा। आगे की परीक्षाओं के लिए उसे डिबार किया जाएगा। प्रभारी कुलपति से वार्ता करके छात्रहित में कोई निर्णय लिया जाएगा।’ - अजय कृष्ण यादव, परीक्षा नियंत्रक, विवि
एमए अंग्रेजी अंतिम वर्ष के प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षा में भी प्रश्न दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं पूछे गए थे। चार प्रश्न पूछे जाने थे, सात प्रश्न पूछे गए। सभी प्रश्न विस्तृत उत्तरीय पूछे जाने थे, बहु विकल्पीय प्रश्न भी पूछे गए।