जिला आपूर्ति विभाग की पहल पर चयनित 25 उचित दर राशन की दुकानों पर मंगलवार से 120 किलोग्राम की दर से अरहर दाल की बिक्री होनी थी लेकिन अधिकतर दुकानों पर बिक्री शुरू नहीं हो पाई। कुछ जगह हुई भी तो गुणवत्ता राशन कार्ड धारकों को पसंद नहीं आई। एक तरीके से पहले दिन दाल बिक्री का शो फ्लॉप दिखा।
अरहर की दाल की महंगाई पर अंकुश लगाने के लिए राशन की दुकानों पर बाजार भाव से सस्ती दर पर बिक्री की योजना बनाई गई है। दुकानदार दाल की बिक्री में रुचि कम दिखा रहे हैं।
तय दुकानों पर दाल वितरण को लेकर कोई सूचना तक चस्पा नहीं की गई है। प्रत्येक कोटेदार के अंतर्गत सैकड़ों कार्ड धारक हैं,
बावजूद इसके थोक कारोबारियों के यहां से 30 से 50 किलोग्राम का कट्टा ही उठाया गया। अरहर की दाल बाजार में 200 रुपये किलो तक बिक रही है।
125 रुपये किलो में बेची दाल
आपूर्ति विभाग ने 120 रुपये किलो की दर से दाल बिकवाने की बात कही थी। मगर कार्ड धारकों को यह 125 रुपये किलो के हिसाब से दी जा रही है। नुनिहाई स्थित राधारानी इंडस्ट्रीज सुरेखा स्टेट से ही 120 रुपये प्रति किलो की दर से दाल दी गई।
ये मिली दशा
दोपहर 2:30 बजे-
रुई की मंडी में रमेश चंद्र के नाम से एलाट उचित दर राशन दुकान में ताला लगा था। बुलाने पर रमेश चंद्र घर से बाहर आए और बताया कि कुछ देर पहले ही वह एक कट्टा (50 किलोग्राम) दाल लेकर आए हैं। बुधवार से वितरण होगा।
दोपहर 2:41 बजे-
भोगीपुरा में लीलाधर कर्दम के नाम आवंटित दुकान पर भी ताला लगा था। उनके बेटे ने बताया कि पिता जी अभी दाल लाने गए हैं। बुधवार से बिक्री शुरू की जाएगी।
दोपहर 2:53 बजे -
छिंगा मोदी पुल में शांति देवी के नाम से आवंटित राशन की दुकान पर भी ताला लगा था। उसी समय उनके बेटे रोहित स्कूटर से 30 किलोग्राम दाल का कट्टा नुनिहाई से लेकर पहुंचे। बताया कि तत्काल बिक्री शुरू की जाएगी, यदि लोगों का रुझान दिखा तो और भी दाल मंगाई जाएगी।
दोपहर 3:00 बजे -
नया बांस में गुलाब चंद्र के नाम से आवंटित राशन की दुकान पर दाल बिक्री की जा रही थी। उन्होंने बताया कि अधिकतर दुकानदार दाल की गुणवत्ता देखकर लौट रहे हैं। महज पांच लोग दाल ले गए थे। 30 किलोग्राम का कट्टा लेकर आए हैं।