प्राचीन श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर।
- फोटो : प्राचीन श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर।
मैनपुरी। जनपद की धरा पर तपस्वी ऋषि-मुनियों ने तपस्या कर उसे पावन बनाया। जनपद स्थित कई प्राचीन मंदिर और ऋषि-मुनियों के आश्रम इस बात को प्रमाणित भी करते हैं। शहर में ईशन नदी के तट पर स्थित करीब 1000 साल पुराना श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर भक्तों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र है। ऐसी मान्यता है कि यहां आने वाले हर भक्त की मनोकामना पूरी होती है।
शहर का प्राचीन श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर कभी जंगल के बीच हुआ करता था। समय के साथ जंगल खत्म हो गए और बस्तियां बस गईं। मंदिर में काले पत्थर की अति प्राचीन शिवलिंग और सफेद पत्थर के नंदी स्थापित हैं। समय-समय पर मंदिर में निर्माण कार्य हुए और आज मंदिर भव्य हो चुका है। मंदिर में हर दिन चांदेश्वर महादेव का अभिषेक किया जाता है। भक्त प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
40 वर्षो से मंदिर की सेवा कर रहे पुजारी सर्वात्मानंद ने बताया कि मंदिर का निर्माण करीबन एक हजार साल पहले ऋषि-मुनियों ने कराया। मंदिर परिसर में सालों पुराना वट वृक्ष भी है। पुजारी बताते हैं कि चांदेश्वर महाराज अपने हर भक्त की मनोकामना को पूरा करते हैं। श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर में सावन के सोमवार को मंदिर में भव्य मेला लगता है।
भक्तों में श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर के लिए विशेष आस्था है। सच्चे मन से महादेव की आराधना करने वाले हर भक्त की मनोकामना अवश्य पूरी होती है। मंदिर में हर दिन भगवान का अभिषेक किया जाता है। - वेदपाल सिंह परमार, श्रद्धालु
भगवान श्री चांदेश्वर महादेव मंदिर में आने वाले भक्त के मन को शांति का अहसास होता है। सिर्फ एक लोटा जल से ही भगवान महादेव प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामना पूरी कर देते हैं। - विकास मिश्रा, श्रद्धालु