कार हादसे में जान गंवाने वाले गौरव वर्मा के घर आंसुओं और सिसकियों के बीच एक कुत्ता भी गमगीन नजर आया। वह गौरव की लाश के पास ही बैठा रहा।
उसके शव को श्मशान घाट ले जाया गया, तो कुत्ते की आंख में आंसू आ गए। गौरव की मां ने उसके आंसू पोंछे। गौरव तीन साल पहले टाइगर को खरीदकर लाया था। गौरव ही टाइगर की देखभाल करता था।
उसे बाहर घुमाने ले जाता था। अपने साथ बेड पर सुलाता था। दोनों दुकान में साथ ही बैठते थे। एक कुर्सी पर गौरव तो दूसरी पर टाइगर। रात में गौरव उसे ब्रेड और टोस्ट खिलाता था।
बुधवार रात को जब गौरव घर नहीं आया तो टाइगर उसे ढूंढने लगा। कभी दुकान की तरफ जाता तो कभी घर की पहली मंजिल पर। गौरव नहीं मिलता तो बाहर कुर्सी पर जाकर बैठ जाता।
परिवार की महिला ने बताया कि गौरव का शव गुरुवार तड़के चार बजे जैसे ही घर पहुंचा टाइगर भी आ गया। वह महिलाओं के बीच बाहर कुर्सी पर शव के पास ही बैठ गया।
लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया, लेकिन वह वहां से उठा नहीं। उसे रात में खाने को टोस्ट दिए, लेकिन उसने खाए नहीं। महिलाओं के बीच ही दोपहर 12:30 बजे तक बैठा रहा। अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाने पर उठा।
गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार
मृतक प्रमोद और ज्योति की चिताएं एक ही जगह जली। परिवारीजन दोपहर में प्रमोद के शव को ताजगंज श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के लिए लेकर गए।
इसके बाद ज्योति का शव भी अंतिम संस्कार के लिए लाया गया। वहीं गौरव का अंतिम संस्कार आवास विकास कालोनी के सेक्टर तीन स्थित श्मशान घाट पर किया गया। साक्षी के शव को परिवारीजन निज निवास पर ले गए।