उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में नर्मदा नाम की विवाहिता ने पुलिस के होश उड़ा दिए। वो जान देने के लिए यमुना में कूद गई। शोर हुआ तो पुलिस गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंच गई। पांच घंटे की तलाश के बाद भी उसका कोई सुराग नहीं लगा। उसके बाद वो महिला दूसरे गांव में मिली।
यमुना की लहरों में नर्मदा को तलाशते गोताखोर। किनारे पर टकटकी लगाए खड़े परिजन और सात साल की वह बेटी जिसकी आंखों के सामने मां नदी में कूद गई थी। नूरपुर में बुधवार को करीब पांच घंटे तक यही मंजर रहा। हर गुजरते मिनट के साथ परिवार की धड़कनें बढ़ती रहीं। पुलिस और पीएसी के गोताखोर पांच घंटे तक नदी को खंगालते रहे लेकिन नर्मदा का कोई सुराग नहीं मिला। फिर शाम करीब साढ़े चार बजे अचानक खबर आई कि नर्मदा नदी में नहीं हैं। वह करीब दो किलोमीटर दूर गढ़ी चंदन गांव में घूम रही हैं।
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पुलिस के मुताबिक, नूरपुर निवासी नर्मदा (35) का पति सूरजभान से बुधवार सुबह किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद वह अपनी पुत्री शैली (7) को लेकर यमुना किनारे खेतों पर चली गई। गुस्से में नर्मदा ने यमुना नदी में छलांग लगा दी। मां को नदी में कूदते देख बेटी गांव पहुंची और परिजन को जानकारी दी। सूचना पर बड़ी संख्या में ग्रामीण यमुना किनारे पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों के साथ पीएसी के गोताखोरों की मदद से यमुना में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया। करीब पांच घंटे तक महिला की तलाश चलती रही पर कोई सुराग नहीं मिला।
इसी बीच करीब साढ़े चार बजे नर्मदा के गढ़ी चंदन गांव में होने की सूचना मिली। पुलिस वहां पहुंची तो वह सामने खड़ी थी। उसे जिंदा देखकर परिजन ने राहत की सांस ली। नर्मदा ने बताया कि पति से विवाद के बाद उसने यमुना में छलांग लगाई थी लेकिन वह किसी तरह दूसरे किनारे पहुंच गई और गढ़ी चंदन गांव चली गई।
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एसीपी फतेहाबाद इमरान अहमद ने बताया स्थानीय और पीएसी के गोताखोरों की मदद से महिला की यमुना नदी में तलाश कराई जा रही थी। महिला पास के गांव में घूमती मिल गई, जिसे थाने लाकर परिजन के सुपुर्द कर दिया गया।