मैनपुरी। जिले में बुखार दस्तक दे चुका है। सरकारी अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों में मरीज भर्ती हैं। लेकिन इलाज के लिए अहम प्लेटलेट्स और प्लाज्मा की व्यवस्था नहीं है। चार साल पहले कंपोनेंट यूनिट तो मिली, लेकिन शुरू आज तक नहीं हो सकी। मजबूरी में मरीज महानगरों में इलाज कराने जा रहे हैं। पिछले चार दिन में बुखार से पीड़ित तीन मरीजों की मौत भी हो चुकी है।
चार साल पहले जिला अस्पताल में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना हुई थी। जिला अस्पताल की ब्लड बैंक के भवन का ही विस्तार कर इस यूनिट का संचालन किया जाना है। भवन का निर्माण हो चुका है। यूनिट के संचालन के लिए जरूरी मशीनें भी आ चुकी हैं। दो महीने पहले यूनिट के संचालन के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया शुरू की गई थी। दो महीने बाद भी विभाग लाइसेंस नहीं ले सका है। वर्तमान समय में बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ी है। मरीजों को प्लाज्मा और प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ रही है। यूनिट का संचालन नहीं होने के कारण मरीजों के लिए प्लाज्मा और प्लेटलेट्स की व्यवस्था जिले में नहीं हो पा रही है।