सदर तहसील में 21 दिन से धरना दे रहा मृतक का आश्रित परिवार स्त्रोत अमर उजाला
आगरा। बेबस बूढ़ी मां। लाचार विधवा बहू। उसके साथ तीन मासूम बच्चे। जिनके सिर से पिता का साया उठ गया है। उनकी खुशियां लुट गईं हैं। शटडाउन के बावजूद ट्रांसफाॅर्मर में करंट आने से पेट्रोल मैन की जान चली गई थी। दक्षिणांचल अधिकारियों ने जो वादे किए वो भूल गए। नतीजा सिस्टम की मौत पर आश्रित का परिवार मातम मनाते हुए न्याय के लिए विलाप कर रहा है।
मामला किरावली विद्युत उपकेंद्र का है। यहां तैनात पेट्रोल मैन रवि सोलंकी की 9 अप्रैल 2025 को उस समय विद्युत दुर्घटना में मौत हो गई थी, जब वह खराब ट्रांसफॉर्मर की रोस्टर टाइम में शटडाउन के बाद मरम्मत कर रहे थे। मृतक की पत्नी रजनी ने बताया कि मौत के बाद अधिशासी अभियंता ने 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, 5 लाख रुपये बीमा और ईपीएफ से पेंशन दिलाने का लिखित वादा किया था। आठ महीने बाद सिर्फ 7.50 लाख रुपये मिले। वह पैसा भी पति के इलाज में खर्च हो गया। किराये के मकान में तीन बच्चों और बूढ़ी सास के साथ रह रही हूं। पति की तस्वीर को गोद में रखकर बैठी रजनी ने बताया कि 21 दिन से धरना दे रही हूं। कोई अधिकारी सुनवाई तक के लिए नहीं आया। यह मेरे पति की मौत नहीं, सरकारी सिस्टम की भी मौत है। अगर डीएम साहब हमें न्याय नहीं दिला सकते तो सपरिवार इच्छा मृत्यु की अनुमति ही दिला दी जाए।
आश्रितों को मिलेगा न्याय
- दक्षिणांचल अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की गई है। जो नियम और लिखा-पढ़ी में है, उसे पूरा कराया जाएगा। कल संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। - अरविंद मल्लप्पा बंगारी, जिलाधिकारी