बोदला मार्ग जमीन कब्जाने के मामले में दो फर्जी मुकदमे लिखे गए थे। रवि कुशवाह सहित उसके परिवार के 5 लोगों को जेल भेजा गया था। अब पुलिस ने रवि कुशवाहा को ही जेल भेज दिया। लेकिन, सवालों के जवाब अब भी बाकी हैं। फर्जी मुकदमे लिखने के लिए शराब और गांजा कौन लेकर आया था। किसने वीडियो बनाया था, जिस आधार पर पुलिस ने गांजा पकड़ने के लिए दबिश दी थी। इस सबसे पुलिस अब तक पर्दा नहीं उठा सकी है।
पहले गांजा बरामद कर रवि कुशवाहा, उसके भाई शंकरिया सहित 3 को जेल भेजा गया था। इस पर एनडीपीएस एक्ट का मुकदमा लिखा गया था। इसके बाद उसकी पत्नी पूनम, बहन पुष्पा सहित तीन से अवैध शराब बरामद कर जेल भेजा गया। इन मुकदमों के मामले में उमा देवी सामने आई थीं। उन्होंने पुलिस और बिल्डर के गठजोड़ से फर्जी मुकदमों के आरोप लगाए। मुकदमा दर्ज करा दिया। मगर, पुलिस ने अब उमा देवी को भी जेल भेज दिया है। इसके बावजूद केस में वह वादी बनी रहेगी। डीसीपी का कहना था कि प्राथमिक जांच में मुकदमे फर्जी साबित हो चुके हैं। ऐसे में उमा देवी की ओर से दर्ज कराया मुकदमा चलता रहेगा। उसमें साक्ष्य संकलन कर चार्जशीट लगाई जाएगी। इस केस में ही जमीन कब्जाने के आरोप थे। उमा देवी साजिश में शामिल पाई गईं। इस पर उन्हें जेल भेजा गया।