कासगंज। जिले में बृहस्पतिवार की रात को हुई मूसलाधार बारिश से खेत जलमग्न हो गए। जिससे तकरीबन 50 हजार हेक्टेयर फसलों पर बर्बादी का संकट खड़ा हो गया है। बारिश से हो रही फसलों की बर्बादी ने किसान की चिंता को बढ़ा दिया है। बारिश का सबसे अधिक असर कासगंज व सहावर तहसील क्षेत्र में हुआ है। सहावर तहसील क्षेत्र में रात के समय कुछ घंटों में ही सबसे अधिक 84 एमएम बारिश हुई। वहीं कासगंज तहसील क्षेत्र में 66 एमएम बारिश हुुई। जिससे खेत पानी से भर गए। इस समय खेतों में खेतों में मक्का, बाजार, धान मूंग की फसल का सीजन चल रहा है। धान की फसल को तो इस बारिश से नुकसान नहीं हुआ, लेकिन मक्का एवं बाजरा की फसलों के लिए बारिश अभिशाप बन गई। जिन किसानों ने दो तीन दिन पहले ही अपनी फसल की बोआई की है, जिससे खेतों में बोया गया बीज खराब होने का खतरा पैदा हो गया। वहीं जो फसल कुछ बढ़ गई है उसके गलने का खतरा पैदा हो गया है। इसके अलावा सब्जी की फसलों में इस समय खेतों में किसान ने टमाटर की पौध तैयार की है। वहीं लौकी, तोरई, मिर्च, अरबी, भिंडी की फसल भी बोई गई है। बारिश से इन फसलों पर भी खतरा पैदा हो गया है।
बारिश से सबसे अधिक नुकसान बाजार को हो रहा है। किसान को बार बार बाजरा बोना पड़ रहा है। अंकुरण बारिश से प्रभावित हो जाता है। मक्का की फसल को भी बारिश से नुकसान होने का खतरा पैदा हो गया है। अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी