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Agra News: डीएम के माैखिक आदेश से निगम को हर महीने हो रहा 49 लाख का नुकसान

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आगरा। जिलाधिकारी के एक मौखिक आदेश की वजह से नगर निगम को हर महीने 49 लाख रुपये का नुकसान हो रहा है। निगम ने इस मुद्दे पर चुप्पी साध रखी है लेकिन मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है। एनजीटी ने जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब-तलब किया है।
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दरअसल, नगर निगम ने जनवरी 2023 में मॉडर्न स्लॉटर हाउस छलेसर कुबेरपुर के संचालन का ठेका मेसर्स अल सुभाना ट्रेडर्स लहम फूड्स फ्रोजन कंसेर्टियम नाम की फर्म को 15 साल के लिए दिया था। जनवरी 2024 में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश पर मई 2024 में जिला प्रशासन ने परिसर का बिजली कनेक्शन कटवा दिया। लंबी कागजी कार्रवाई के बाद मई 2025 में फर्म ने औपचारिकताएं पूरी कर सीपीसीबी से एनओसी हासिल कर ली।



बोर्ड ने 23 जुलाई को बंदी आदेश निरस्त कर बिजली कनेक्शन बहाल करने का जिला प्रशासन को आदेश दे दिया। इस आदेश के बाद दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम (डीवीवीएनएल) ने कनेक्शन बहाल कर दिया। जिलाधिकारी की ओर से गठित कमेटी के सामने परिसर की सील खोलकर बिजली विभाग ने 14 अगस्त को कनेक्शन बहाल किया लेकिन 17 अगस्त को फिर से बिना सूचना के कनेक्शन काट दिया।
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फर्म के मालिक ने जब पत्राचार किया तो पहले विभाग ने 10 लाख रुपये बिजली बिल बकाया बताया। बकाया जमा करने पर भी जब कनेक्शन नहीं लगा तो फर्म मालिक ने शासन में शिकायत कर दी। जांच हुई तो विभाग के अधिशासी अभियंता ने जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी के मौखिक आदेश पर कनेक्शन काटने की बात कह दी। विवाद बढ़ा लेकिन फर्म मालिक को राहत नहीं मिली। कनेक्शन बहाल न होने पर फर्म मालिक ने अब एनजीटी का दरवाजा खटखटाया है। एनजीटी ने सभी पक्षों से जवाब मांगा है।



कोई आदेश नहीं दिया



डीएम से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया गया लेकिन वह उपलब्ध नहीं हाे सके। उनका सीयूजी नंबर उठाने वाले हितेंद्र कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी की ओर से नगर निगम के स्लॉटर हाउस का बिजली कनेक्शन काटने के संबंध में कोई भी आदेश किसी अफसर को नहीं दिया गया।





डीएम को व्हाट्सएप पर दिया अपडेट

वहीं डीवीवीएनएल के एत्मादपुर क्षेत्र के अधिशासी अभियंता मनोज कुमार ने कहा कि जिलाधिकारी के मौखिक आदेश के बाद कनेक्शन काटा गया। व्हाट्सएप पर उन्हें कनेक्शन काटे जाने का अपडेट भी दिया गया था।
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