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Agra News: निगम का नहीं है आस्था पर ध्यान, भादौं में प्रतिवर्ष जाते हैं हजाराें श्रद्धालु

Tue, 26 Aug 2025 11:54 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
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ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा -गांव रफातपुर में मृतक राम चरन के शव का पहुंचने का इंतजार करते लोग।   - फोटो : ट्रैक्टर-ट्रॉली हादसा -गांव रफातपुर में मृतक राम चरन के शव का पहुंचने का इंतजार करते लोग।
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कासगंज। जहारवीर गोगामेड़ी महाराज की जात की पुरानी परंपरा है। हजारों श्रद्धालु जिले के हर गांव से गोगामेड़ी की जात के लिए जाते हैं। आस्था की यह यात्रा प्रत्येक वर्ष रक्षाबंधन के बाद भादौं माह में चलती है। जहारवीर बाबा के प्रति आस्थावान लोग परिवार साथ जात में शामिल होने जाते हैं। निगम का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा है। निगम की ओर से कोई भी बस हजारों श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए संचालित नहीं की जाती। इसके चलते या तो लोग ट्रेन से यात्रा करते हैं या फिर निजी बसों व अन्य वाहनों के विकल्पों का यात्रा के लिए प्रयोग करते हैं।
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भादौं माह में ट्रेनों के माध्यम से श्रद्धालु जयपुर पहुंचते हैं और यहां से हनुमानगढ़ गोगामेड़ी के लिए टुकड़ों में यात्रा करते हैं। कासगंज से हनुमानगढ़ गोगामेड़ी की दूरी 476 किलोमीटर है। सुगम यात्रा के साधन न होने से श्रद्धालुओं को दिक्कतें उठानी पड़ती हैं, लेकिन आस्था व श्रद्धा के चलते श्रद्धालु हर परेशानी को पार कर अपनी आस्था की यात्रा पूरी करते हैं। शहर में जहारवीर बाबा के मंदिर के व्यवस्थापक राजेश सैनी बताते हैं कि श्रद्धालु हर वर्ष रक्षाबंधन के बाद जात के लिए निकलना शुरू हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि इस बार भी 9 अगस्त से यात्रा शुरू हुई। यह यात्रा पूरे भादौं माह चलेगी। राजेश सैनी का कहना है कि शहर, कस्बों व गांव से काफी लोग जात के लिए जाते हैं। इनकी संख्या लाखों के आकड़े में पहुंचती है, लेकिन परिवहन के पर्याप्त साधन नहीं है। परिवहन निगम मेला स्पेशल बसें संचालित करे तो श्रद्धालुओं को राहत मिल सकती है।

निगम ने बताई अपनी मजबूरी
कासगंज। परिवहन निगम के एएआरएम ओमप्रकाश का कहना है कि राजस्थान पुष्करजी के लिए के लिए केवल एक बस संचालित होती है। राजस्थान के लिए बस संचालित करने को परमिट लेना पड़ता है। मेला केवल एक महीना चलता है। ऐसी स्थिति में परमिट का खर्च ज्यादा होगा। इससे बसों का संचालन नहीं होता। अन्य डिपो की बसें राजस्थान के लिए यहां से जाती हैं।
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