मैनपुरी। विकास खंड मैनपुरी की ग्राम पंचायत धरमंगदपुर नगरिया में मनरेगा से गली निर्माण में फर्जीवाड़ा किया गया। ‘अमर उजाला’ ने खबर के माध्यम से इसका खुलासा किया तो खलबली मच गई। आनन-फानन में बृहस्पतिवार को सुबह ही पंचायत सचिव व अन्य जिम्मेदार ईंट व अन्य सामान लेकर मौके पर पहुंचे और निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।
गांव नगरिया में रामस्वरूप के खेत से ईसेंद्र के खेत तक नाली व इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण के नाम पर चार माह पहले 3.34 लाख रुपये की धनराशि निकाल ली गई। ये भुगतान मनरेगा से लिया गया लेकिन मौके पर निर्माण कार्य नहीं कराया गया। अमर उजाला की पड़ताल में मामला सामने आया। बृहस्पतिवार के अंक में खबर प्रकाशित हुई तो खलबली मच गई। आनन-फानन में सुबह आठ बजे पंचायत सचिव प्रदीप चौहान, रोजगार सेवक विक्रम और तकनीकी सहायक कौशलेंद्र सिंह गांव पहुंच गए। अपने साथ लाल ईंट, इंटरलॉकिंग ईंट, मोरंग, सीमेंट के साथ लेबर भी लेकर पहुंचे। तत्काल गली के निर्माण का काम शुरू करा दिया।
धनराशि का बंदरबांट
सरकारी धनराशि का बंदरबांट चार माह पहले ही हो गया था। अब जिम्मेदार जल्द से जल्द निर्माण कार्य करवाकर अपनी गर्दन बचाना चाहते हैं। इसके लिए एक दर्जन से अधिक मजदूर लगाए गए हैं।
लोगों के चेहरे खिले
मामला उजागर होने से जहां जिम्मेदारों में खलबली मची है वहीं ग्रामीणों चेहरे खिल गए हैं। बृहस्पतिवार को निर्माण कार्य शुरू होने पर ग्रामीणों का कहना है कि अगर मामला उजागर नहीं होता तो गली का निर्माण नहीं कराया जाता। लोगों को कच्ची गली से होकर ही गुजरना पड़ता। अब गली का निर्माण होने से लोगों को राहत मिलेगी।
जिस कार्य के लिए भुगतान किया गया वह पहले क्यों नहीं कराया गया, इसकी पुष्टि जांच के आधार पर होगी। अब निर्माण करा भी दिया गया है, जांच में इसे शामिल किया जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
-विनोद कुमार, मुख्य विकास अधिकारी।