आगरा। गड्ढों में तब्दील सड़कों और घटिया सीवर लाइनों की जांच के लिए 13 जुलाई को कमिश्नर अमित गुप्ता ने तीन सदस्यीय समिति बनाई थी। साथ ही लापरवाही पर विभागों को चेताया था। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई को दूर जांच समिति 21 दिन बाद भी सड़कें तक नहीं देख पाई है।
बरसात में सीवर कार्यों की घटिया गुणवत्ता की कलई खुल गई है। जल निगम ने सीवर लाइनें बिछाई हैं। जो अब जगह-जगह धंसने से हादसों का कारण बन रही हैं। उधर, सड़कों के गड्ढे बारिश में और गहरे हो गए हैं। जिम्मेदार विभागों की इस लापरवाही पर 21 दिन पहले ही कमिश्नर अमित गुप्ता ने चेताया था, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने कमिश्नर की चेतावनी को भी दर किनार कर दिया। नगरायुक्त, सीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी को तीन दिन में सर्वे कर रिपोर्ट कमिश्नर को सौंपनी थी, परंतु मंगलवार तक सर्वे रिपोर्ट नहीं बनी। आरोप है कि कमेटी ने सर्वे ही नहीं किया। जबकि कमिश्नर ने सर्वे के बाद दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
योजना तो दूर सर्वे तक नहीं किया
कमिश्नर अमित गुप्ता ने नगरायुक्त निखिल टीकाराम फुंडे को सड़क व सीवर कार्यों का सर्वे कर स्थायी समाधान के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए थे, परंतु योजना बनाना तो दूर कमेटी ने सर्वे तक नहीं किया। शहर में 30 से अधिक जगहों पर जलभराव है। जिनका स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा। दूसरी तरफ सीवर कार्य के लिए नामित वबाग ने भी कमिश्नर के निर्देश के बाद कार्यों में सुधार नहीं किया है।
नगरायुक्त से मांगा है जवाब
सीवर कार्यों व सड़क सर्वे की रिपोर्ट कमेटी ने नहीं उपलब्ध कराई है। इस संबंध में नगरायुक्त से जवाब मांगा है। समीक्षा बैठक में इन बिंदुओं पर चर्चा होगी। लापरवाही पर कार्रवाई की जाएगी। - अमित गुप्ता, कमिश्नर आगरा