आगरा। केंद्रीय हिंदी संस्थान का मैदान सोमवार को सिंधीयत के रंगों, संस्कृति और आस्था से सराबोर नजर आया। राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद, केंद्रीय हिंदी संस्थान और सिंधी सेंट्रल पंचायत के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित एक शाम सिंधीयत के नाम कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी रही। शुभारंभ सोमनाथ धाम के मठाधीश पीर डॉ. शंकरनाथ योगी ने दीप प्रज्वलन कर किया। उन्होंने सिंधी समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने पर जोर दिया।
भगवान झूलेलाल जयंती, सिंधी भाषा दिवस और संत कंवरराम जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक सिंधी लोकगीतों से हुई, जिनकी मधुर धुनों ने लोगों को भाव-विभोर कर दिया। इसके बाद युवाओं और महिलाओं ने सिंधी लोकनृत्य भागो की शानदार प्रस्तुतियां दीं, जिस पर दर्शक भी खुद को थिरकने से नहीं रोक सके।
इसके बाद मंच पर सिंधी रॉकस्टार शुभम नाथानी के गीत मस मस त मिल्या आयूं..., पर युवा और बुजुर्ग देर रात तक झूमते रहे। वहीं कॉमेडियन मोहित शेवानी ने अपनी हास्य रचनाओं से दर्शकों को गुदगुदाया। किशोर अशरा ने साईं भगत कंवरराम के रूप में भजन प्रस्तुति देकर माहौल भक्तिमय बना दिया।
सिंधी सेंट्रल पंचायत के अध्यक्ष चंद्रप्रकाश सोनी और महामंत्री हेमंत भोजवानी ने बताया कि आयोजन का उद्देश्य नई पीढ़ी को सिंधी भाषा और संस्कृति से जोड़ना है। इसके तहत मोहल्ला स्तर पर ड्राइंग और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं भी कराई गईं, जिनमें 200 से अधिक बच्चों ने भाग लिया। विजेताओं को पुरस्कृत कर प्रोत्साहित किया गया। इस दौरान पारंपरिक सिंधी व्यंजनों का सभी ने आनंद लिया।
कार्यक्रम स्थल पर संस्कृति, संगीत और स्वाद का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में भगवान झूलेलाल का भव्य दरबार, संतों का दरबार और बच्चों के लिए झूले आकर्षण का केंद्र रहे। इस मौके पर उच्च शिक्षामंत्री योगेंद्र उपाध्याय, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, राष्ट्रीय सिंधी भाषा विकास परिषद के सुनील बाबूराव कुलकर्णी, उत्तर प्रदेश सिंधी अकादमी के निदेशक अभिषेक कुमार अखिल और रीना सिरनानी आदि मौजूद रहे।
महिलाओं ने संभाली सुरक्षा व्यवस्था
कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। दयालबाग पंचायत की गुलाबी सेना की महिलाओं ने सुरक्षा व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभाई, वहीं भारतीय सिंधु सभा और जय झूलेलाल संगठन के स्वयंसेवकों ने व्यवस्थाएं संभालीं।
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इनकी रही उपस्थिति
घनश्याम दास देवनानी, गागनदास रामानी, संयोजक राज कोठारी, ओमप्रकाश चोथवानी, हरीश टहलियानी, योगेश शटवानी, परमानंद अतवाणी, जयराम दास होतचंदानी, मेघराज दियालानी, नंदलाल आयलानी, श्याम भोजवानी, श्याम लाल रंगनानी, कमल जुम्मानी, दौलत खूबनानी, नरेंद्र पुरसनानी, डॉ. एसके विरानी, भोजराज लालवानी, प्रदीप बनवारी, नंदलाल छतानी, भजनलाल प्रधान, अशोक पारवानी, नरेश आयलानी, हरीश मोटवानी, सुंदरलाल चेतवानी, दीपक आतवाणी आदि मौजूद रहे।