मैनपुरी। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों की बिसात बिछनी शुरू हो गई है। खासकर जिला पंचायत सदस्य के पद के लिए दावेदारों में जबरदस्त होड़ है। सत्ताधारी दल भाजपा के समर्थन के लिए उम्मीदवारों की कोशिशें तेज हो गई हैं। उम्मीदवार मंत्री, विधायक और संगठन के पदाधिकारियों के चक्कर लगाने लगे हैं। इस बार कांग्रेस भी अपने बैनर तले उम्मीदवार उतारने की बात कह रही है। मैनपुरी सपा का गढ़ होने के चलते जिला पंचायत सदस्य की राजनीति काफी प्रतिष्ठापूर्ण रही है। कई दिग्गज और नए चेहरे किस्मत आजमाने को तैयार हैं। चुनाव की आहट के साथ ही गांवों में राजनीतिक दलों की सक्रियता बढ़ गई है। भाजपा, सपा, बसपा और कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता जनता से सीधा संवाद कर रहे हैं। उनकी समस्याएं सुनने के साथ पार्टी के एजेंडा भी उन तक पहुंचा रहे हैं। जानकारी के अनुसार पंचायत चुनाव 2026 की शुरुआत में होने की संभावना है। इसके मद्देनजर विभिन्न दल रणनीति बनाने, प्रचार अभियान को तेज करने और बूथ स्तर पर अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुट गए हैं। मैनपुरी जिला पंचायत सदस्य की 30 सीटें हैं। सभी सीटों पर सपा, भाजपा और कांग्रेस ने 2021 के चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारे थे। वहीं, चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों को भी जनता का भरपूर समर्थन मिला था। कुल सीटों में उन्हें एक तिहाई सीटों पर जीत मिली थी। कई दिग्गज भी उनके सामने जीत नहीं सके थे। वहीं, सपा ने सर्वाधिक 12 और भाजपा ने आठ सीटें जीती थीं। जिला पंचायत अध्यक्ष पद भाजपा की उम्मीदवार के नाम रहा था। प्रधानी के चुनाव के लिए भी अभी से जोर आजमाइश होने लगी हैं। 560 ग्राम पंचायत जिले में हैं। सभी ग्राम पंचायतों में संभावित उम्मीदवार मतदाताओं को अपने पाले में करने में जुट गए हैं।