बटेश्वर मे सोरो से 75 लीटर गंगाजल को लेकर पहुंचे शिवभक्त
बटेश्वर। सावन मास में शिव आराधना का दौर शुरू हो चुका है। शिव भक्त कांवड़ियों का जत्था कछला घाट से 75 लीटर गंगाजल लेकर पांच दिन की पदयात्रा कर शुक्रवार को तीर्थ बटेश्वर पहुंचा। सावन के पहले सोमवार को गंगाजल से भगवान शिव का अभिषेक किया जाएगा।
जैतपुर के पारना गांव (पुरा बीरबल) के पंकज, रिकेश, मोनू, मुकेश, कमलेश, शेर सिंह, सतीश, आकाश और पवन समेत दर्जनभर कांवड़िये पांच दिन पूर्व सोरों के कछला घाट पहुंचे। इन शिव भक्तों ने कलशों में करीब 75 लीटर गंगाजल भरा और उसे अपने कंधों पर उठाकर लगभग 5 दिनों की कठिन पैदल यात्रा तय कर बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए शुक्रवार को तीर्थ बटेश्वर पहुंचे। शिवभक्त कांवड़ियों ने बताया कि तेज धूप, लंबे सफर की थकान के बावजूद उनके कदम जरा भी नहीं डगमगाए। मार्ग में हर तरफ बम-बम भोले और हर-हर महादेव के उद्घोष गूंजते रहे, जिससे पूरा यात्रा मार्ग पूरी तरह से शिवमय हो गया। कांवड़ियों ने बताया कि सावन के प्रथम सोमवार पर ब्रह्मलाल महादेव मंदिर में विधि-विधान के साथ कचला घाट से लाए गए 75 लीटर गंगाजल से भगवान शिव का भव्य जलाभिषेक करेंगे।
बनारस के आचार्यों ने किया ब्रह्मलाल महाराज का रुद्राभिषेक
बटेश्वर। सावन महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को ब्रह्मलाल महाराज के रुद्राभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। बनारस से आए आचार्यों ने दूध से अभिषेक और विशेष रुद्राभिषेक कराया। मंदिर के मुख्य पुजारी जय प्रकाश गोस्वामी और आचार्य सूर्यकांत गोस्वामी ने बताया कि सावन माह में परिवार में सुख-शांति, कालसर्प दोष निवारण और शारीरिक कष्टों से मुक्ति की मनोकामना लेकर श्रद्धालु बटेश्वर पहुंच रहे हैं। पूरे सावन माह में तीर्थ मे यमुना किनारे स्थित 41 शिव मंदिरों में वाराणसी से आए आचार्य प्रतिदिन भगवान शिव का दूध से अभिषेक और विशेष रुद्राभिषेक का आयोजन किया जाएगा।