शहर के कई प्रमुख सराफा व्यवसायियों ने मंगलवार को अपने शोरूम के सीसीटीवी की रिकार्डिंग डिलीट करा दी। इसकी वजह आयकर के छापों की आशंका मानी जा रही है। आयकर के साथ ही सेंट्रल एक्साइज भी सराफों को नोटिस भेजने की तैयारी में है। उनसे आठ नवंबर की रात और नौ को दिन भर की बिक्री का हिसाब तलब किया जा सकता है।
नोटबंदी के बाद अभी तक एक ही सराफ के यहां आकर सर्वे हुआ है लेकिन हल्ला यह मचा है कि आयकर विभाग बड़े पैमाने पर छापामारी की तैयारी कर रहा है। इसके लिए रिकार्ड जुटाया जा रहा है। दरअसल, नोटबंदी के बाद यह शोर मचा था कि आठ की रात भर करोड़ों का काला धन सोने में बदला गया।
हजार - पांच सौ के नोट से नौ को भी सोना खरीदा गया। इतना ही नहीं। यहां तक शोर है कि कई सराफों ने मौके का फायदा उठाकर सोना ब्लैक किया, 50 हजार रुपये तोला तक बेचा। आयकर विभाग के सूत्रों की मानें तो इसकी सच्चाई जानने की कवायद की जा रही है। इसके लिए नोटिस जारी करने की तैयारी है। सराफों से दोनों तारीखों की बिक्री का रिकार्ड लिया जाएगा। सीसीटीवी फुटेज में देखा जाएगा कि सोना खरीदने के लिए कौन कौन लोग आए थे।
माना जा रहा है कि इससे बचने के लिए ही सराफों ने पूरी रिकार्डिंग डिलीट करा दी है। हालांकि इस बारे में कोई कुछ बोलने के लिए तैयार नहीं है।
डिलीट डाटा की रिवकरी संभव
आगर। विधि विज्ञान प्रयोगशाला की कंप्यूटर फोरेंसिक साइंस डिवीजन के अधिकारियों का कहना है कि अगर डीवीआर से डाटा डिलीट किया गया है तो इसे रिकवर किया जाना मुमकिन है। इसके लिए लैब में टेक्नोलॉजी आ चुकी है। डीवीआर ही नहीं, लैपटॉप और मोबाइल का डाटा भी रिकवर कर लिया जाता है।