लुटेरी दुल्हन ने चाय न पीने पर अपने पति को दूध दिया था। पति ने पत्नी से आधा दूध स्वयं पीने के लिए कहकर गिलास रखने को कह दिया, लेकिन उसने दूध को पीने के बजाए उसे रख दिया।
भागने से पहले बदले कपड़े
लुटेरी दुल्हन ससुरालीजनों को बेहोश करने के बाद जब भागी तो उसने पहले पहने हुए कपड़ों को वहीं पर छोड़ दिया। उसने घर का कोई कपड़ा प्रयोग नहीं किया। बहन व भाई द्वारा लाए गए कपड़ों को जाते समय पहन कर गई।
विवाह का भरा था अनुबंध पत्र
गोपाल ने कमलेश से मंदिर में शादी करने के बाद नोटरी वकील के समक्ष अनुबंध पत्र भरावाया। इस अनुबंध पत्र में पति द्वारा उत्पीड़न करने, घर से निकालने की स्थिति में न्यायालय से भरण पोषण प्राप्त करने की शर्त रखी गई है। जबकि वह स्वयं बिना बताए घर छोड़ती है तो किसी प्रकार का दावा न करने की शर्त रखी थी।
पहले भी हो चुकी हैं वारदातें
जनपद में लुटेरी दुल्हन का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं। सुन्नगढ़ी के खिदर पुर में शादी के तीन दिन बाद 18 सितंबर 2016 को लुटेरी दुल्हन परिजनों को बेहोश करके नगदी आभूषण लूट कर फरार हो गई थी।
इसी तरह अमापुर के खिदरपुर में शादी के एक सप्ताह बाद 25 दिसंबर 2016 को लुटेरी दुल्हन प्रधान व उसके परिवार को बेहोश करके रफूचक्कर हो गई पटियाली के नगला टीका में फरवरी 2017 में इस तरह की वरदात हो चुकी है, लेकिन इनमें से किसी वारदात का पुलिस खुलासा नहीं कर सकी।