कासगंज में गणतंत्र दिवस के मौके पर तिरंगा यात्रा के बाद से भड़की सांप्रदायिक हिंसा 25 साल के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ी हिंसा है।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान भी इतने हालात नहीं बिगड़े थे, जो इस समय हैं। इस हिंसा के बाद लोगों के जेहन में राम मंदिर आंदोलन की यादें ताजा हो गईं।
वर्ष 1992 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान शहर में दोनों पक्षों के बीच तनाव के हालात पैदा हुए थे। आंदोलन के दौरान पथराव, पुलिस फायरिंग आदि की घटनाएं हुईं। आगजनी भी हुई।
इसके बाद 1994-95 में भी सपा सरकार के समय में दोनों संप्रदाय के बीच तनाव हुआ, छिटपुट घटनाएं हुईं। इसके बाद तहसील परिसर में छह साल पहले प्रशासन के द्वारा मंदिर को तोड़ दिए जाने के बाद लोगों में तनाव फैल गया।